सुधाकर शुक्ला
बरेली । शिक्षा की दुकान खोले बैठे दो स्कूल प्रबंधकों की कारस्तानी ने इंटरमीडिएट के 85 छात्रों का एक साल बर्बाद होने के कगार पर है। दसवीं कक्षा तक की मान्यता वाले एक स्कूल के प्रबंधक ने एडमीशन के नाम पर इन छात्रों से तो मोटी रकम वसूल ली, लेकिन जिस इंटर कॉलेज में ये छात्र दिखाने थे, उसके प्रबंधक को हिस्सा नहीं दिया। नतीजतन उसने पंजीकरण नहीं किया। परीक्षा में मात्र 48 घंटे शेष हैं और अब अफसरों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। अभिभावक डीआईओएस से मिले तो उन्होंने जांच कराने के बजाय अर्जी पर एक टिप्पणी लिख दी कि प्रवेश पत्र दिलाएं। अभिभावकों को इस तरह टहला दिया जैसा कि गोरखधंधे के बारे में कुछ जानते ही न हों।
स्वामी विवेकानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दलपतपुर की मान्यता हाईस्कूल तक है। बोर्ड के नियमों को ताक पर रखकर इस विद्यालय में इंटर तक की कक्षायें वर्षों से संचालित हो रही हैं। चालू शैक्षिक सत्र में विद्यालय में इंटरमीडिएट में 85 छात्रों के एडमीशन किए गए। उनकी सूची राजकुमारी इंटर कालेज मढ़ीनाथ बरेली के प्रबंधक को प्री रजिस्ट्रेशन के लिए सौंप दी गई। छात्रों को समझाया गया कि 11 वीं कक्षा में उनका पंजीकरण राजकुमारी इंटर कालेज मढ़ीनाथ में है । वहीं से उन्हें इंटर की परीक्षा दिलायी जायेगी। छात्र 11वीं और 12वीं में स्वामी विवेकानंद उमा विद्यालय में पढ़ते रहे। दोनों स्कूलों के प्रबंधकों के बीच लेन-देन विवाद के चलते छात्रों का पंजीकरण 11वीं में नहीं हुआ। प्री रजिस्ट्रेशन न होने से इन छात्रों के इंटरमीडिएट का बोर्ड परीक्षा फार्म भी जमा नहीं हुए। स्वामी विवेकानंद विद्यालय के प्रबंधक नरेंद्र कुमार ने 25 अक्टूबर 2012 को मामले की शिकायत मंडलायुक्त से की। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। दोनों स्कूल प्रबंधकों की कारगुजारी से छात्रों का साल बर्बाद होने के कगार पर है। अब जबकि बोर्ड परीक्षा शुरू होने में दो दिन से भी कम समय बचा है, इन छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिला है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
‘‘राजकुमारी इंटर कालेज के प्रबंधक अवैध रूप से छात्रों का पंजीकरण कर इम्तिहान दिलाते हैं। मेरे स्कूल के छात्र भी उनके विद्यालय में पंजीकृत थे। उन्होंने उनका प्री रजिस्ट्रेशन नहीं किया। छात्रों का भविष्य खतरे में है। ’’ नरेंद्र कुमार, प्रबंधक स्वामी विवेकानंद उमा विद्यालय दलपतपुर
‘‘नरेंद्र कुमार की हिम्मत नहीं कि वह मेरे विद्यालय आकर छात्रों के प्रवेश पत्र मांगे। वह एक बार स्कूल के दफ्तर से बोर्ड परीक्षा के फार्म चोरी कर ले गये थे। दो चार छात्रों का अगर विद्यालय में पंजीकरण हैं, वो छात्र खुद आयें तो वह प्रवेश पत्र दे देंगे।’’ बाबूराम गंगवार, प्रबंधक/ प्रधानाचार्य, राजकुमारी इंटर कालेज मढ़ीनाथ बरेली
‘‘क्या विवाद है, इसकी जानकारी नहीं है। दोनों प्रबंधकों को दफ्तर बुलाया गया है। छात्रों का साल बर्बाद करने में जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्घ कार्रवाई होगी।’’ केपी सिंह, डीआईओएस
‘‘जेडी साहब एक कार्यक्रम में गये हैं। जब आयेंगे तो बात करा देंगे’’ (संयुक्त शिक्षा निदेशक के मोबाइल नंबर 9415262283 से जवाब)
‘बोर्ड परीक्षा में पंजीकरण नहीं होगा तो छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई डीआईओएस स्तर से होनी चाहिए। मेरे पास शिकायत आई तो समुचित कार्रवाई की जाएगी।’-संजय उपाध्याय, क्षेत्रीय सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद