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मुकदमा दर्ज नहीं, सिर्फ सूचना के आधार पर हो रही पड़ताल

Mon, 21 Jan 2013 05:32 AM IST
Bareilly
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बरेली। बीडीए सचिव सुभाष उत्तम की मौत की गुत्थी चार दिन बाद भी सुलझा पाने में नाकाम रही पुलिस अब हड़बड़ी में लग रही है। पुलिस ने रविवार को सीजेएम से अनुमति मिलने पर उनका विसरा जांच के लिए फोरेंसिक लैब को भेज दी है। जांच रिपोर्ट आने पर ही बीडीए सचिव की मौत की असली वजह का पता लग पाएगा।
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एक तरफ पुलिस कह रही है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने पर ही इस मामले में किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है, वहीं दूसरी तरफ जांच के नाम पर लीपापोती में भी जुटी है। यही वजह है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। सिर्फ सूचना के आधार पर पुलिस जांच करने में जुटी है। अब यह दीगर सवाल है कि पुलिस उनकी मौत पर उठा रहे परिवार वालों के सवालों का सही से जवाब नहीं दे पा रही है। विवेचनाधिकारी इंस्पेक्टर प्रेमनगर सुधीर कुमार धामा का कहना है कि अभी तक जांच के दौरान ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है, जिससे कह सकें कि बीडीए सचिव की मौत के मामले में कोई अपराध बनता है। वह एक ही समय खाना बनवाकर दो वक्त खा लेते थे। घटना के दिन मौके से जो बचा हुआ खाना, उनकी की गई उल्टी के खाने, दूध में मिला बादाम, बर्तन आदि के अलावा विसरा सीजेएम की अनुमति से जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेज दिया गया है। लैब की रिपोर्ट से ही यह साफ हो पाएगा कि उनके खाने में क्या निकला। इसके बाद की बीडीए सचिव की मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। इससे पहले कुछ नहीं कहा जा सकता है।


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बीडीए सचिव के मोबाइल पर सुबह आया था मैसेज
-परिवार वालों को शक था किसी ने फोन किया रिसीव
बरेली। बीडीए सचिव सुभाष उत्तम के मोबाइल की कॉल डिटेल इस बात की गवाह है कि उनके पास सुबह 8.30 बजे एक महिला का मैसेज आया था। हालांकि उनके परिवार वालों को यह शक था कि सुबह फोन रिसीव हुआ है।
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सीओ सिटी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि बीडीए सचिव की कुछ महिलाओं से अक्सर बात होती रहती थी। जांच के दौरान इनमें से कई महिलाएं ऐसी हैं जो उनकी रिश्तेदार हैं। जिस महिला को घटना के एक दिन पहले उनके आवास पर देखा गया, वह अपने पति के साथ आईं थी। पति भी अफसर है। बीडीए सचिव का उनके परिवारसे करीबी नाता है। उनके परिवार को यह भी शक था कि उनके मोबाइल पर घटना के दिन सुबह कॉल आई थी। लेकिन सुबह कॉल नहीं आई थी, बल्कि महिला का मैसेज आया था। इस मैसेज के बारे पुलिस मीडिया को कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं। उसका कहना है कि यह निजता के सम्मान की भावना का उल्लंघन होगा। विवेचक इंस्पेक्टर सुधीर कुमार धामा का कहना है कि परिवार के लोग घटना के बाद शव लेकर चले गए हैं। इसलिए उनसे ठीक से बात नहीं हो पाई है। अब उन्हें बुलाकर एक बार कॉल डिटेल में जो नंबर आए हैं, उनके बारे में जानकारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के दिन सुबह को जिस महिला का मैसेज आया था, उनसे मैने बात करने की कोशिश की, कुछ सवाल किए तो उन्होंने मोबाइल बंद लिया। इसके बाद से उनका मोबाइल नहीं खुला है।

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पुलिस के तर्कों को पचा नहीं पा रहा परिवार
बरेली। बीडीए सचिव सुभाष उत्तम के भाई अरविंद उत्तम ने बताया कि रविवार को शुद्धि हवन हो गया है। दो-तीन दिन में हम बरेली आएंगे। पुलिस को चाहिए था कि इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती। लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। हम अपने स्तर से जानकारी कर रहे हैं। जिन महिलाओं से बीडीए सचिव की बात अक्सर होती थी, अरविंद उत्तम ने उनके रिश्तेदार होने से इंकार दिया। उनका कहना था कि हम अपने स्तर से भी छानबीन कर रहे हैं।
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