बरेली। कैंट इलाके के गांव चनेहटा में शुक्रवार रात एक कारोबारी के घर में डाका पड़ गया। छत पर चढ़कर घर में उतरे बदमाश घर में मौजूद लोगों को बंधक बनाकर 1.20 लाख रुपये का कैश और करीब 25 तोला सोने के जेवर लूटकर ले गए। रात में ही सूचना देने के बाद पुलिस तो मौके पर पहुंची, लेकिन बदमाशों को तलाश करने के लिए कांबिंग नहीं की। घटना की रिपोर्ट भी चोरी की धाराओं में दर्ज की गई है।
करीब दर्जन भर बदमाशों ने शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे चनेहटा गांव में परचून की दुकान चलाने वाले मोहन गंगवार के घर पर धावा बोला। वे पहले घर के पिछवाड़े से छत पर चढ़े और फिर अंदर उतर गए। बाहर कमरे में मोहन खुद सो रहे थे, जिन्हें दबोचने के बाद बदमाशों ने शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। फिर उनकी ही लुंगी से पीछे की ओर हाथ बांध दिए। इसके बाद दूसरे कमरों में सो रही मोहन की मां देव कुमारी, बहन स्मृति और भाभी कमलेश को भी एक कमरे में बंद कर दिया। मोहन के पिता जमुना प्रसाद एमईएस में ट्यूबवेल आपरेटर हैं जो गांव के ही दूसरे मकान में सो रहे थे।
मोहन के मुताबिक सभी बदमाश नकाब पहने हुए थे। उनके पास चाबियों का एक गुच्छा भी था, जिससे उन्होंने खुद ही घर की सारी अलमारियों के ताले खोल लिए। घर में करीब 1.20 लाख रुपये के कैश के अलावा 25 तोले सोने के जेवर, दर्जन भर चांदी के सिक्के आदि रखे थे। आधे घंटे के अंदर यह सबकुछ लूटने के बाद बदमाश घरवालों को धमकियां देते हुए चले गए। बदमाशों के जाने के बाद घर वालों ने शोर मचाया तो गांव के लोग इकट्ठे हो गए। गांव वालों का आरोप है कि सूचना देने पर रात में ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बदमाशों को तलाशने की कोई कोशिश नहीं की।
खुद को पुलिस वाला बताया, बोले- तलाशी लेंगे
घर में सो रहे मोहन की आंख खुली तो बदमाशों को सिर पर खड़े पाया। बदमाशों ने कहा कि वे पुलिस वाले हैं और उन्हें उनके घर तमंचा होने की खबर मिली है इसलिए तलाशी लेने आए हैं। मोहन के मुताबिक कुछ ही देर बाद उन्होंने जब उनकी मुश्कें कसने के बाद लूटपाट शुरू कर दी तो उनकी समझ में आया कि वे पुलिस वाले नहीं बल्कि बदमाश हैं। मोहन ने बताया कि बदमाश चेहरों को नकाब से ढके हुए थे और उनकी उम्र 18 से 25 साल के बीच होगी।