बरेली। रामवाटिका में नवोदय मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग कंपनी के दफ्तर के बाहर कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि दफ्तर में काम के लिए नौकरी पर रखा गया है लेकिन अब उन्हें घर-घर जाकर बेचने के लिए प्रोडक्ट दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने एक मैनेजर का बटुआ छीनकर उसमें से उनका पैन कार्ड निकाल लिया, जबकि दूसरे मैनेजर का मोबाइल छीन लिया। मैनेजर ने हर युवक से रजिस्ट्रेशन के वक्त लिए गए आठ सौ रुपये बृहस्पतिवार की सुबह तक वापस करने का आश्वासन दिया, इसके बाद ही वे शांत हुए।
करीब एक महीने पहले ही इस कंपनी का दफ्तर रामवाटिका में खुला है। यहां करीब चालीस युवक-युवतियों को काम पर रखा गया है। बुधवार की सुबह जब वे दफ्तर पहुंचे तो मैनेजर आयुष तिवारी और घनश्याम ने उन्हें घर-घर जाकर हीटिंग पैड बेचने को दिए। इस पर लड़कों ने सख्त एतराज जताया। समीर का कहना था कि उसे असिस्टेंट मैनेजर का पद दिया गया है, इसलिए उससे घर-घर जाकर प्रोडक्ट बेचने को कहना गलत है। रजत का कहना था कि उन्हें काम पर रखते वक्त यह नहीं बताया गया था कि प्रोडक्ट बेचने पड़ेंगे। मंगल, वरुण, गार्गी, मोहित, उमेश आदि युवकों का भी यही कहना था। आरोप लगाया कि एक मैनेजर उनके घर के लोगों को फोन करके अमर्यादित ढंग से बात करते हैं।
अलबत्ता मैनेजर आयुष कुमार ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि जो लड़के काम नहीं करना चाहते, उनके रजिस्ट्रेशन की फीस वापस कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि काम पर रखे गए सभी लड़कों ने उन्हें लिखित में दिया है कि घर-घर जाकर सामान बेचेंगे। हालांकि, लड़कों का कहना था कि दस्तखत कराते वक्त उन्हें फॉर्म पढ़ने नहीं दिया गया था, जिससे वे शर्तें नहीं देख सके।