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दूषित पानी से बीमार हो रहीं छात्राएं

Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
Bareilly
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रूहेलखंड विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल का हाल
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केस-1-
कई दिनों से नहीं उतर रहा बुखार
बीटेक फर्स्ट ईयर की छात्रा अंशु कई दिनों से बीमार हैं। उन्हें बुखार, पेट में दर्द और दस्त है। रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के चार दिन बाद भी उनका बुखार नहीं उतर रहा है। जब बुखार नहीं ठीक हुआ तो वह जिला अस्पताल के डॉक्टर के पास इलाज कराने गईं।
(छात्रा के अनुरोध पर पहचान छिपाई गई है)
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केस-2-
अस्पताल में भर्ती होने के बाद अभिभावक ले गए घर
बीटेक सेकेंड ईयर की छात्रा प्रियांशी को बुखार और पेट में ऐसा दर्द हुआ कि उन्हें रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा। एक दिन तो वह मेडिकल कॉलेज में रहीं लेकिन घरवालों तक खबर होते ही घर से उनके अभिभावक आकर उन्हें घर ले गए।
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(छात्रा के अनुरोध पर पहचान छिपाई गई है)
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बरेली। रूहेलखंड विश्वविद्यालय के मेन गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं को न तो साफ पानी मिलता और न ही बिजली की उचित सुविधा। छात्राएं दूषित पानी पीकर बीमार हो रही हैं। बीमार छात्राओं को रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा, लेकिन वहां पर भी उन्हें ठीक इलाज नहीं मिल रहा। इसके बाद खुद के प्रयासों से छात्राएं जिला अस्पताल इलाज करवाने गईं।
रूहेलखंड विश्वविद्यालय के मेन गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को बीमार होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा जाता। लेकिन, वहां पर छात्राओं का ठीक से इलाज न होने पर वह जिला अस्पताल में डॉ. सुरभि प्रकाश के पास गईं। छात्राओं ने बताया, कॉलेज में साफ पानी नहीं है। एक्वॉगार्ड लगा है, लेकिन वह भी बिना बिजली नहीं चल सकता। इसलिए, छात्राओं को मजबूरन दूषित पानी ही पीना पड़ रहा। छात्राओं ने बताया, हॉस्टल में पूरी-पूरी रात बिजली न आने से न तो पढ़ाई हो पाती और न ही सो पातीं हैं। बिजली न होने पर बरामदे में उन्हें चटाई बिछाकर सोना पड़ता है। इस वजह से छात्राएं तनाव में हैं कि इस दौरान उनके इम्तहान चल रहे हैं। इम्तहान में ही एक तो वह बीमार हो रहीं, दूसरे बिजली न आने से पढ़ाई नहीं हो पा रही। वह परेशान हैं कि ऐसी स्थिति में परीक्षा कैसे दी जाए।
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13 छात्राएं हैं बीमार
हॉस्टल में एक या दो नहीं बल्कि तेरह छात्राएं ऐसी समस्याओं को झेल कर बीमार हैं। कई छात्राओं के ज्यादा बीमार होेने पर उनके अभिभावक उन्हें घर ले जा चुके हैं। लेकिन, जिनकी परीक्षाएं हो रही हैं, वह यहीं पर रह रही हैं।

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यही हाल है सब हॉस्टल का
यह हाल सिर्फ एक हॉस्टल का नहीं बल्कि विश्वविद्यालय के ब्वॉयज़ हॉस्टल का भी यही स्थिति है। वहां पर भी न तो खाने की ठीक सुविधाएं हैं और न ही साफ पानी की। दूषित पानी पीकर किसी तरह से छात्र रह रहे हैं। मेन्स हॉस्टल के पुनीत ने बताया, यहां पर भी बहुत सारे छात्र बीमार हैं। उन्हें उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत है।
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आज कुलपति से करेंगी शिकायतें
हॉस्टल की छात्राएं सोमवार को इस समस्या को लेकर कुलपति के पास जाएंगी। कुलपति से जब इस बारे में बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। बताया जाता है कि कुलपति अपने पास मोबाइल रखते ही नहीं, उनका मोबाइल उनके बाबू के पास रहता है। जब कुलपति को फोन किया जाता है तो वही रिसीव करता है। वह भी बात करने में असमर्थता जता देता है। ऑफिस से बाहर होने पर कुलपति का मोबाइल ही रिसीव ही नहीं होता।
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दूषित पानी से हुआ इन्फेक्शन
छात्राओं को दूषित पानी और खाने से इन्फेक्शन हो गया है। इसी वजह से ही पेट में दर्द और दस्त शिकायत। बुखार न उतरने की एक वजह टाइफाइड भी हो सकता है। टेस्ट करवाया है, रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. सुरभि प्रकाश, जिला अस्पताल
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