बरेली। मक्का-मदीना की यात्रा से लौटे दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मौलाना मोहम्मद सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां ने सोमवार को खानकाह रजविया में उर्स-ए-रजवी का तीन रोजा कार्यक्रम जारी कर दिया। 17 से 19 दिसंबर तक चलने वाले उर्स की तकरीब का आगाज परचम कुशाई की रस्म से होगा।
उर्स की सभी तकरीबात उर्स स्थल इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान पर साहिबे सज्जादा की सरपरस्ती और वली अहद मौलाना अहसन रजा खां कादरी अहसन मियां की सदारत में संपन्न होंगी। उर्स पर निगरानी की जिम्मेदारी टीटीएस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अलहाज हसन रजा खां नूरी मियां को सौंपी गई है।
दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि पहले दिन 17 दिसंबर बुधवार को सुबह छह बजे कुरान ख्वानी होगी। दोपहर तीन बजे आजम नगर से परचमी जुलूस निकलेगा। शाम पांच बजे उर्स स्थल पर परचम कुशाई होगी और रात 8.30 बजे से तरही मुशायरा होगा।
दूसरे दिन 18 दिसंबर की भी शुरुआत सुबह छह बजे कुरान ख्वानी से होगी। सुबह आठ बजे से नातो मनकबत की महफिल जमेगी और 9.58 बजे हजरत मौलाना रेहान रजा खां रहमानी मियां का कुल शरीफ होगा। रात 8.30 बजे से देश विदेश के उलमा की तकरीर होगी। देर रात 1.40 बजे मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां का कुल शरीफ होगा।
उर्स के तीसरे और आखिरी दिन 19 दिसंबर को सुबह छह बजे कुरान ख्वानी होगी। आठ बजे से जलसा नातो मनकबत और तकरीर में देश भर की मशहूर दरगाहों के सज्जादगान और उलमा मुसलमानों की फलाह बहबूती पर गौरोफिक्र करेंगे। अंत में आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का कुल शरीफ होगा। इससे पहले साहिबे सज्जादा अलहाज सुब्हानी मियां बड़े साहबजादे अहसन मियां को दस्तारबंदी के साथ सज्जादगी सौंपेंगे।