बरेली। दो लोगों की हत्या के मामले में अदालत ने तीन सगे भाइयों समेत आठ लोगों को उम्रकैद और सभी पर 26-26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
थाना मीरगंज में 31 मार्च, 2003 को लभेड़ा पुरोहित गांव के हरप्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घटना वाले दिन वह और गांव का चंद्रभान कश्यप, वीरपाल, छोटे कश्यप और मोहन लाल धोबी अपने पट्टे की जमीन में गन्ने की बुआई कर रहे थे। गांव के नेमचंद, महेश, नरेश पुत्रगण नत्थूलाल दर्जी और मेवाराम दर्जी के बेटे रामवहादुर और राजाराम, चुन्नीलाल के बेटे बाबूराम व कल्यान और गांव के ही श्यामवीर लाठी-डंडा लेकर आए और बुआई से मना करने लगे। इस पर हम लोगों ने कहा कि यह हमारी पट्टे की जमीन है हम इस पर गन्ना बोऐंगे। इस पर सभी आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में छोटे लाल, वीरपाल, मोहनलाल और चंद्रभान के काफी चोटें आईं। चोटों के इलाज के दौरान छोटेलाल और मोहनलाल की मृत्यु हो गई।
अदालत में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रवि प्रधान ने वादी समेत 12 गवाह पेश किए। वादी पुलिस को दिए अपने बयान से पलट गया। अदालत ने वादी के खिलाफ अदालत में झूठी गवाही देने का मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के जवाब के लिए 29 सितंबर की तारीख नियत की है। अदालत में पेश की गई गवाही के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राजेंद्र कुमार ने सभी आठों आरोपियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 26-26 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।