बरेली। अनापशनाप बिजली कटौती और मंडल मुख्यालय में तय शेड्यूल के हिसाब से बिजली न मिलने के विरोध में उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के आहूत बंद का जिले में असर दिखा। आधे से ज्यादा शहर की दुकानें दोपहर तक बंद रही। कटौती से आजिज व्यापारी संगठनों और दुकानदारों ने महाबंद में अपनी भागीदारी की और चेताया कि अगर कटौती नहीं थमी तो आगे अनिश्चितकालीन बंदी की जाएगी। तहसीलों में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। बंद के चलते व्यापारियों ने करोड़ों का कारोबार ठप होने का दावा किया है।
उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने अपने 164 सहयोगी संगठनों के साथ जिले में बिजली कटौती के विरोध में बंद का आह्वान किया था। बंद को सफल बनाने के लिए मंगलवार को संगठन से जुड़े सदस्यों के कई दल विभिन्न बाजारों में निकले और व्यापारियों से बंद में शामिल होने की अपील की। सुबह के समय इसका असर दवा कारोबार, पेट्रोल पंप और गैस ऐजेंसियों पर दिखा। हालांकि दवा कारोबारियों ने बैकडोर से दुकानें खुली रखीं।
उधर, श्यामगंज, कालीबाड़ी, जिला अस्पताल, नावल्टी, कुतुबखाना, सिविल लाइंस, सुभाषनगर, सैलानी, कालीबाड़ी, हॉस्टिपटल रोड, चौपुला, बास मंडी, किला, सिकलापुर, राजेंद्रनगर, डीडीपु़रम और कोहाड़ापीर पर बंद का पूरा असर दिखा। सर्राफा और फर्नीचर बाजार भी पूरी तरह बंद रहा। शिवाजी मार्ग स्थित कारोबारी वरुण अग्रवाल ने बताया कि एक दिन में बीस करोड़ रुपये से ज्यादा सर्राफा कारोबार प्रभावित हुआ। दवा कारोबार एसोसियेशन अध्यक्ष राकेश नरूला, दुर्गेश कुमार ने बताया कि बंद से करीब 20 करोड़ रु पये का कारोबार ठप हुआ। है। दोपहर बाद पंप और दवा दुकानें खुल गयीं। कपड़ा, खाद्यान्न, खाद्य ऑयल, किराना बाजार पर बंद का असर दिखा। थोक कारोबार पूरी तरह बंद रहा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल युवा शाखा के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि कटौती बंद नहीं हुई तो अब अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा। बंद के में समर्थन राज बहादुर सक्सेना, नवीन अग्रवाल, जु़गेश साहनी, मोहसिन आलम, सुनील सिंह आदि सुबह से अपील करने में जुट गए।
दुकानें खुलवाने को भी निकले व्यापारी
बंद का विरोध करने वाले व्यापारी संगठन भी जी जान से जुटे रहे। सुबह से ही ये घूम घूमकर लोगाें से दुकान खोलने का निवेदन कर रहे थे। उद्योग व्यापार संगठन ने जिला अस्पताल से नावेल्टी चौराहे तक, शाहदाना, शाहजहांपुर रोड और कुतुबखाना में कुछ दुकानों को खुलवाने में सफलता पाई। हालांकि संगठन के विशाल मेहरोत्रा, नासिर सिद्दीकी, मंजीत सिंह, शोभित सक्सेना आदि का दावा रहा कि सुभाषनगर, सैलानी, शहामतगंज, कालीबाड़ी, हॉस्टिपटल रोड, चौपला, बास मंडी, किला, सिकलापुर, कचहरी और कोहाड़ापीर की भी दुकानें पूरी तरह से खुली रहीं। उधर, सपा शहर अध्यक्ष जफर बेग ने शाहदाना आदि बाजार में खुलवाने की कवायद सुबह से ही शुरू कर दी। बरेली व्यापार मंडल ने पटेल चौक पर सभा करने के बाद कुतुबखाना चौराहा तक शांति मार्च निकालकर दुकानें खोलने की अपील की।
सैलानी में व्यापारी भिडे़
सैलानी में सुबह बाजार बंद कराने को लेकर व्यापारियाें का गुट आपस में ही भिड़ गया। दुकान बंद कराने वाले लोगाें की संख्या अधिक थी, इसलिए लोगों ने प्रतिष्ठान नहीं खोले। कुतुबखाना व अन्य कई स्थानाें पर भी बंद कराने को लेकर छिटपुट झड़पें होती रहीं, लेकिन स्थिति सामान्य बनी रही। यहां राष्ट्रीय सेवा संघ, सिंधी महासभा और युवा लोधी सभा ने महाबंद का समर्थन किया।
कारोबार पर असर
खाद्यान्न 50
खाद्य तेल 25
किराना 20
सर्राफा 20
मेडिकल 20
कपड़ा 15
इलेक्ट्रानिक्स 10
फर्नीचर 05
पेट्रोलियम 05
मोबाइल बाजार 02
खानपान 01
अन्य 30
बरेली महाबंद भाजपा ने कराया। बसपा और कांग्रेस ने साथ दिया। सबकी मिलीभगत उजागर हो गई है।
जफर बेग, सपा शहर अध्यक्ष
बंद पर बोल (सिंगल फोटो)
बंद करना अच्छी बात नहीं है, इससे बिजली नहीं आने वाली।
रचित, छात्र
बिजली न आने से बच्चों की पढ़ाई चौपट है, बंद से कुछ असर होगा।
शंकरलाल, नौकरी
हम लोग पूरी तरह बेबस हैं, बंद करना मजबूरी है। बिजली के लिए करना पड़ेगा।
धर्मेंद्र, दुकानदार
बिजली का बाजार बंद से कोई सरोकार नहीं है। इससे बरेली को नुकसान उठाना पडे़गा।
गौरव गुप्ता, छात्र