बरेली। थाना कैंट के उमरसिया गांव के पास बुधवार रात पति और बेटे के साथ खेत से लौट रही महिला से गैंगरेप और लूटपाट करने वाले बभिया गांव के विनोद कुमार गैंग के राजू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने घटना का खुलासा करने का दावा किया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पता लगा है कि उमरसिया गांव से शराब पीकर लौटने के दौरान वारदात को अंजाम दिया गया। एसएसपी जे रविंदर गौड़ ने बताया कि दुष्कर्मियों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी होनी है।
पुलिस के मुताबिक वारदात के खुलासे के लिए बृहस्पतिवार से ही टीमें लगी हुई थीं। शुक्रवार को सीओ चतुर्थ नरेश कुमार, सीओ तृतीय धर्म सिंह मार्छाल के अलावा एसएसआई रेहान खान की अगुवाई में पुलिस टीमें और क्राइम ब्रांच की टीम भी लगा दी गई थी। शनिवार को एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ चतुर्थ की मौजूदगी में इंस्पेक्टर देवराज राठी ने चारों मुल्जिम मीडिया के सामने पेश किए। लाल फाटक तिराहे से उनकी गिरफ्तारी दिखाकर पुलिस उन्हें लाई थी। मुल्जिमों में प्रमोद उर्फ बंटी साहू, खोमपाल, राजू और कप्तान निवासी ग्राम बभिया शामिल थे। विनोद हिस्ट्रीशीटर पाताराम को चेला है और उसकी अनुपस्थिति में उसने गैंग बना लिया था।
प्रमोद उर्फ बंटी ने बताया कि 20 अगस्त की रात को खोमपाल, राजू और कप्तान उमरसिया भट्टे के पास कच्ची शराब बेच रहे थे। इसी बीच शाम करीब साढ़े बजे बंटी अपने साथी रजनीश, वीरपाल, वीरेश, विनोद कुमार निवासी ग्राम बभिया और रवि उर्फ रविया, सुधीर पंडित निवासी मिर्जापुर और दो अन्य लोग आ गए। शराब पीने के बाद हम लोग बभिया की तरफ जा रहे थे। कप्तान, राजू और खोमपाल सीधे आगे चले गए। वह और उसके साथी बभिया की तरफ जा रहे थे। इस दौरान पापुलर के पेड़ों के पास उसने सुधीर पंडित, रवि उर्फ रविया की मदद से पिता-पुत्र को सड़क किनारे डाल लिया। महिला जियारत के पास जाकर छिप गई थी। रजनीश, वीरेश, वीरपाल और विनोद ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट करके कुंडल, पायल और लौंग लूटकर बुरा काम किया। साइकिल सुधीर पंडित ले गया।
एसपी सिटी करेंगे इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच
कैंट इंस्पेक्टर देवराज राठी की गैंगरेप प्रकरण में भूमिका ठीक नहीं रही। उन्हें रात को ही पता था कि महिला के साथ पास गैंगरेप हुआ है। वह सेना की भर्ती की ड्यूटी थी। ऐेसे में वह सीयूजी फोन से नाइट अफसर दरोगा राजू राव को मौके पर भेज सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बजाए मामूली घटना समझकर परवाह नहीं की। एसएसपी जे रविंदर गौड़ ने इस पूरे मामले में एसपी सिटी को इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने बताया कि बभिया गांव में क च्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए उन्होंने एसपी सिटी को प्लान बनाने की हिदायत दी है।
गैंगरेप को रेप में बदलना चाह रही है पुलिस
कैंट पुलिस गैंगरेप को रेप में बदलने के लिए लगी हुई है। तीन दिन से जो महिला गैंगरेप होने की बात कह रही है, उसने महिला थाने की एसओ विजय सिरोही द्वारा लिए गए बयान में यह कैसे कह दिया कि उसके साथ एक बदमाश ने रेप कि या है। आशंका है कि कहीं ऐसे बयान महिला को डराकर तो नहीं दिलाए जा रहे हैं?
दर्द से कराह रही महिला
जिला अस्पताल में भर्ती गैंगरेप पीड़ित महिला शनिवार को भी दर्द से कराहती हुई मिली। महिला ने बताया कि उसे दर्द से राहत नहीं मिल रही है। शनिवार को उसके फटे हुए कान में टांके लगाए गए। इससे भी उसे पीड़ा हो रही थी और हिली बत्तीसी की वजह से दांतों का दर्द रह-रह बढ़ता जा रहा है। आंखों की लालिमा भी अभी हल्की नहीं हो रही है। महिला ने बताया कि उसे देखने में भी दिक्कत हो रही है। हालांकि शनिवार को पीड़िता को ड्रिप लगाई गई। इसके बाद कान में टांके लगाकर दवाइयां भी दी गईं।
सपा नेताओं ने पीड़िता का दर्द सुना
सपा के जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह की अगुवाई में मेयर डॉ. आईएस तोमर, महानगर अध्यक्ष जफर बेग, प्रवक्ता संजीव यादव, चौधरी धर्मपाल सिंह ने पहले जिला अस्पताल जाकर पीड़िता का हालचाल लिया। सपाइयों ने पीड़िता को सीएमएस आरसी डिमरी से किसी दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराने को कहा। इसके बाद सपा नेता उमरसिया गांव पहुंचे और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को देंगे।