बरेली जिले में कोरोना से गुरुवार को पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि 950 लोग संक्रमित मिले हैं। तीन सौ बेड कोविड हॉस्पिटल में दो लोगों की मौत हुई है। इसके अतिरिक्त बरेली कॉलेज विधि विभाग के शिक्षक, नगर निगम उपसभापति की पत्नी, वनकर्मी की मौत हुई है।
वहीं बरेली जिले के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है। जिलों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव के कारण इन इलाकों में संक्रमण बढ़ा। मतदान के लिए आए लोगों की जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही नियमों का पालन किया गया।
शाहजहांपुर में जिले के गांवों में बुखार और सांस लेने में दिक्कत होने से लोगों की मौत हो रही है। पुवायां तहसील के बेला गांव में हाल के दिनों में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर में कोरोना के लक्षण थे। हालांकि इनमें से किसी की जांच नहीं हुई। पंचायत चुनाव के दौरान दूसरे प्रांतों में काम करने वाले लोग वोट देने के लिए आए थे। इनके लिए जांच की कोई व्यवस्था नहीं थी। मतगणना के दौरान कराई टेस्टिंग में सौ से ज्यादा प्रत्याशी और एजेंट संक्रमित निकले थे। जिले के गांवों में अभी भी दर्जनों लोग ऐसे हैं जहां उन्हें बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही।
पीलीभीत जिले में पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण इलाकों में 50 से 75 मरीज निकल रहे थे। अब प्रतिदिन संक्रमित निकलने वालों का आंकड़ा 150 तक पहुंच गया है। कोरोना से रोज मरने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। जिले में 27 अप्रैल से छह मई तक कोरोना से 99 लोगों मौत हुई। इनमें से 30 से अधिक मरने वाले ग्रामीण इलाकों के हैं।
लखीमपुर खीरी जिले में पंचायत चुनाव के बाद लोगों में संक्रमण तेजी से फैला है। वहीं चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों में भी तेजी से कोरोना फैला है। जिले में चुनाव ड्यूटी करने वाले 50 से ज्यादा कर्मचारियों की मौत कोरोना से हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा बेसिक शिक्षा विभाग के 44 शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी शामिल हैं।
बदायूं में मतदान के बाद रिकार्ड मामले सामने आ रहे हैं। मौतों का आंकड़ा भी बढ़ने लगा है। संक्रमण के नए मामलों में 60 फीसदी से ज्यादा गांव-देहात में निकल रहे हैं। दो मई को जिले में 241 नए मामले सामने आए थे। तीन मई को यह संख्या 359 तक पहुंच गई। चार मई को 487 और पांच मई को 359 मामले सामने आए। उझानी, सहसवान, दातागंज, आसफपुर, अलापुर और दहगवां सर्वाधिक प्रभावित गांव हैं।
बरेली में स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक जिले के गांवों में 267 टीमें सर्वे कर रही हैं। सात दिनों में करीब 34281 हजार घरों के 61442 हजार लोगों की जांच की गई। इसमें 1265 लोग संदिग्ध मिले। सभी संदिग्ध की एंटीजन से हुई जांच मे 221 लोग संक्रमित मिले हैं। इन्हें लक्षणों के अनुसार आइसोलेट कराया गया है। हालांकि पिछले सात दिन में ग्रामीण इलाकों के छह लोगों की मौत हुई है।
माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल ने बताया कि चुनाव की मतगणना के पांच से सात दिन बाद संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका जताई है। बताया कि संक्रमण के बाद लक्षण प्रकट होने में करीब पांच दिन का समय लगता है। ऐसे में चार दिन बाद गांव में जांच बढ़ने पर संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका है।