बरेली। सड़क हादसे का दंश झेल रहे मंडल के 92 परिवारों को एक साल से आर्थिक सहायता का इंतजार है। सोलेशियम योजना के 30 तो सार्वजनिक सेवायान से घटित दुर्घटनाओं से जुड़े 62 प्रकरण लंबित हैं। इससे दुर्घटनाओं के घायलों व मृतकों के आश्रितों को सहायता राशि नहीं मिल पा रही है। यह काम जिला प्रशासन, परिवहन विभाग व बीमा कंपनी के स्तर पर लंबित है।
हिट एंड रन के मामलों में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सोलेशियम योजना के तहत मृतक आश्रितों को दो लाख व गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान है। इसको न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से दिया जाता है। इस योजना के तहत सालभर में बरेली मंडल में कुल 140 प्रार्थनापत्र आए। इनमें से 30 मामले अब भी लंबित हैं। बरेली में 10 मामले एसडीएम स्तर पर लंबित हैं। बदायूं में लंबित 12 मामलों की जांच चल रही है। पीलीभीत में चार मामले एसडीएम सदर स्तर पर लंबित हैं। शाहजहांपुर में भी चार मामले लंबित हैं।
बरेली मंडल में सालभर में सार्वजनिक सेवायान से हादसों के 116 प्रकरण सामने आए। इनमें से 54 का निस्तारण तो कर दिया गया, लेकिन 62 अब भी लंबित हैं। इसमें बरेली के 12 मामले एसडीएम स्तर पर लंबित हैं। बदायूं में लंबित 22 मामलों की जांच चल रही है। पीलीभीत में कोई मामला लंबित नहीं है। शाहजहांपुर में एक साल में 31 प्रार्थनापत्र आए, पर सिर्फ तीन का ही निस्तारण हो सका। 28 मामले अब भी लंबित हैं।
सड़क हादसे में घायलों को व मृतकों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि एसडीएम के स्तर पर जांच के लिए लंबित है। न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी व अधिकारियों से पत्राचार कर परिवहन विभाग लाभ दिलाने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है। - प्रणव कुमार झा, आरटीओ प्रवर्तन