बरेली। भैंसा चोरी करके ले जाते समय गांव वालों के टोकने पर जानलेवा हमला करने के चार आरोपियों को अदालत ने चार-चार साल कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव ने किया।
घटना की रिपोर्ट गांव खानपुर (थाना फतेहगंज पूर्वी) के रहने वाले बांकेलाल ने दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा कि 9 मई, सन 16 की रात को उसने अपनी भैंसों को बग्गर में बांधा था। जब रात में 11:30 बजे वह उठा तो उसकी दो भैंसें बग्गर में नहीं थीं। कोई उन्हें चोरी से खोल ले गया था। लड़कों बलवीर, राजवीर और गांव के लोगोें के साथ रातभर भैंसों को तलाश करता रहा। सुबह 5:30 बजे गांव प्रधान के खेत के पास एक पिकअप गाड़ी दिखाई दी। इस गाड़ी को रुकवाया तो उसमें से चार लोग उतर कर भागे। इन लोगों को वादी और गांव के लोगों ने तालाब के पास घेरकर पकड़ लिया। इनमें से एक व्यक्ति ने जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया, जिससे वे लोग बाल-बाल बच गए। एक व्यक्ति भाग गया और तीन लोगों को मौके पर पकड़ लिया। मौके पर खड़ी पिकअप में चोरी की गईं दोनों भैंसें मिल गईं। पकड़े गए लोगों और भैंसों को थाने लेजाकर पुलिस को सौंप दिया गया।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत ने पक्ष रखा। अदालत ने अभियुक्त तौफीक, शहनवाज, मोहम्मद आसिफ एवं नन्हें उर्फ फातूना को दोषी ठहराते हुए चार-चार साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा सभी अभियुक्तों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।