बदायूं/शाहजहांपुर। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि विरोधियों का गठबंधन तो सिर्फ स्वार्थ का गठबंधन है। इसमें न कोई नेता है, न कोई नीति और न सिद्धांत। बसपा में टिकट बांटने की बात पर उन्होंने कहा कि बसपा ने डेढ़-डेढ़ सौ किमी दूर से बुलाकर धनपशुओं को टिकट दिया है।
बदायूं में शनिवार को अमित शाह ने भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्य के समर्थन में इस्लामिया इंटर कॉलेज में आयोजित सभा में कहा कि गठबंधन की सरकार बनी तो सोमवार को ममता दीदी, मंगलवार को मायावती, बुधवार को चंद्रबाबू नायडू, गुरुवार को देवगौड़ा, शुक्रवार को स्टालिन, शनिवार को मुलायम सिंह प्रधानमंत्री बनेंगे और रविवार को सरकार छुट्टी पर चली जाएगी। यानी हर दिन नया प्रधानमंत्री।
भाजपा अध्यक्ष बोले कि जब देश में कांग्रेस की सरकार थी तो आतंकवादी हमारे जवानों का सिर काटकर ले जाते थे। कोई जवाब नहीं दिया जाता था। लेकिन इस बार जब आतंकवादियों ने पुलवामा में हमला किया तो हमले के 13 वें दिन ही 40 जवानों के बदले हमारे रणबांकुरे पाक के घर में घुसकर आतंकवादियों के अड्डों पर बमबारी करके उनके पुर्जे-पुर्जे उड़ाकर वापस आ गए। बोले- राहुल बाबा, आपकी पार्टी को आतंकवादियों से ईलू-ईलू करना है तो करो, यह हमारा काम नहीं है। पाकिस्तान से अगर गोली आएगी तो यहां से गोला जाएगा।
वहीं शाहजहांपुर में भाजपा प्रत्याशी अरुण सागर के समर्थन में कांट क्षेत्र में चुनावी सभा में अमित शाह ने कहा कि घुसपैठियों से देश की सुरक्षा को भारी खतरा है। मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनते ही घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर खदेड़ा जाएगा। मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने जब असम में 40 हजार घुसपैठियों को चिह्नित किया, तो विरोधी दल इकट्ठे होने लगे और राग अलापने लगे कि ये सब कहां जाएंगे, कैसे रहेंगे। ऐसा लगा कि घुसपैठिए इन सभी के चचेरे भाई हैं। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल बाबा चाहते हैं कि देशद्रोह कानून खत्म कर खुली छूट दे दी जाए, कि जिसे जो करना है, वह खुलकर करे। भाजपा देशद्रोहियों को सबक सिखाना चाहती है।