बदायूं। जाति बिरादरी को साधने के साथ नेता वोटरों को तरह तरह से भावुक कर उनका दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी संघमित्रा मौर्य के समर्थन में आयोजित विजय संकल्प सभा को संबोधित करने आए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत में युवाओं को जिगर का टुकड़ा कर उनका दिल जीतने की कोशिश तो मुजरिया में गठबंधन प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव के लिए सभा कर रहे अखिलेश और माया ने भी बदायूं से अपना पुराना नाता बताया।
भाजपा अपने राजनीतिक अभियान में शुरू से युवाओं को जोड़ने में लगी है। कभी खेलकूद के बहाने तो कभी सोशल मीडिया के सहारे। यह बात भाजपा की जनसभाओं में भी देखी जा सकती है। रविवार की जनसभा मेें उन्होंने गंठबंधन पर हमला बोलने के साथ कई बार युवाओं को संबोधित किया। दरअसल बदायूं सीट पर 1991 में भाजपा के चिन्मयानंद को जीत हासिल हुई थी। इसके बाद से भाजपा का कोई प्रत्याशी यहां विजय पताका नहीं फहरा पाया। इससे भाजपा इस बार ज्यादा गंभीर है।
मायावती तो वर्ष-1995 में बिल्सी सीट से चुनाव जीत चुकी हैं। उन्होंने जीतने के बाद इस्तीफा जरूर दे दिया लेकिन उनकी पार्टी की बिल्सी सीट पर पकड़ कम नहीं हुई। इसी बात पर उन्होंने कहा कि आपसे दो दशक पुराना जो रिश्ता है, वह आगे भी बरकरार रहेगा। महागठबंधन होने के बाद उसी रिश्ते को मजबूती प्रदान करने का समय आ गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी रिश्ते की बात करने में दो कदम आगे निकल गए। उन्होंने कहा कि बदायूं जिले से उनका घरेलू नाता है। उनके पिता को यहां की जनता चुनकर विधानसभा में भेजा था। विदित हो कि जिस साल मायावती बिल्सी से चुनाव जीतीं थीं। उसी साल मुलायम सिंह यादव भी सहसवान विधानसभा सीट जीते थे।
भाजपा के मंच पर मौजूद रहे
राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में मंच पर प्रदेश उपाध्यक्ष बीएल वर्मा, विधायक महेश चंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र शाक्य, राजीव कुमार सिंह, आरके शर्मा, अजीत यादव समेत पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, वागीश पाठक, जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य, अशोक भारती, युवा भाजपा नेता अमित पाठक आदि मौजूद रहे।
और टूट गई मंच के पीछे की पर्देनुमा दीवार
शाह के आने का वक्त हो ही गया था, कि तभी मंच के पीछे लगा पर्देनुमा दीवार उखड़कर नीचे जा गिरी। इससे एक बार तो मंच पर बैठे विधायकों और अन्य लोगों में खलबली मच गई। सभी लोग उठकर खड़े हो गए और उसे देखने लगे। व्यवस्थाओं में लगे लोगों के भी हाथ पैर फूल गए। कुछ ही देर बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष आ गए और पर्दे को ऐसे ही रहने दिया गया।
गठबंधन के मंच पर
मुजरिया में महागठबंधन की चुनावी सभा में सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना यासीन अली उस्मानी, बसपा नेता सुनील कुमार चित्तौड़, पूर्व विधायक आशीष यादव, विमलकृष्ण अग्रवाल, प्रदीप यादव, रामखिलाड़ी यादव, ओमकार सिंह यादव, हाजी विट्टन, सिनोद शाक्य, भूपेंद्र सिंह कुर्मी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना सिंह यादव, बसपा जिलाध्यक्ष लाखन सिंह, हेमेंद्र गौतम आदि मौजूद थे।
मायावती के साथ पहुंचे आकाश आनंद
महागठबंधन की चुनावी सभा में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह को पहुंचना था। इसका प्रचार भी किया गया था लेकिन चुनावी व्यस्तताओं की वजह से वह नहीं आए। इसके विपरीत बसपा सुप्रीमो मायावती जिस हेलीकॉप्टर से उतरीं, उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्रा और आकाश आनंद उतरे। आकाश बसपा सुप्रीमो के भतीजे हैं। दोनों हालांकि मंच पर मौजूद रहे लेकिन उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित नहीं किया।
अलग-अलग हेलीकॉप्टर से पहुंचे माया और अखिलेश
मुजरिया में चुनावी सभा स्थल के पास ही दो हैलीपेड बनाए गए थे। सबसे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हेलीकॉप्टर ने लैंड किया फिर उसके करीब 10 मिनट बाद दूसरा हेलीकॉप्टर आया। उसमें बसपा सुप्रीमो मायावती, आकाश आनंद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्रा थे। बसपा के लिए सतीश चंद्र सोशल इंजीनियरिंग में माहिर माने जाते हैं।