बरेली। नगर निगम में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के काम पर भी अब राजनीति शुरू हो गई है। सफाई पर दस करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव पर मेयर द्वारा मंजूरी न दिए जाने पर नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने डोर-टू-डोर एजेंसियों को सिफारिश पर काम देने में अड़ंगा लगा दिया। अब तक एजेंसियों को मौखिक सहमति के बाद डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम मिल जाता था, लेकिन नगर आयुक्त ने इस पर रोक लगाते हुए टेंडर मांग लिए हैं। इतना ही नहीं काम करने के लिए दस लाख रुपये की जमानत राशि भी निर्धारित कर दी है।
नए नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. की नगर निगम में तैनाती के बाद पुराने नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव के कार्यकाल के फैसलों को पलटने का दौर चल पड़ा है। कुछ मामलों को लेकर नए नगर आयुक्त और मेयर के बीच भी मतभेद प्रतीत हो रहा है। ऐसा ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में सामने आया है। पिछले दिनों नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए बजट में दस करोड़ रुपये का प्रावधान करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कराया और मंजूरी के लिए मेयर के पास भेजा। मगर मेयर उमेश गौतम ने मंजूरी देने से साफ इंकार कर दिया है। उनका कहना था कि जब एनजीओ एवं निजी संस्थाएं मुफ्त में कूड़ा उठा रही हैं तो दस करोड़ का बजट क्यों? मेयर की मनाही के बाद यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक में नहीं रखा जा सका। मगर इसके बाद नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर कूड़ा सफाई के लिए टेंडर आमंत्रित कर लिए और काम लेने वाले व्यक्ति के लिए जमानत के तौर पर दस लाख रुपये की शर्त भी रख दी। इससे पुरानी एजेंसियों एवं उन लोगों को तगड़ा झटका लगा है जो अब तक सिफारिश के दम पर डोर-टू-डोर कलेक्शन का काम पा जाते थे।
नगर आयुक्त का तर्क.. जिम्मेदारी से होगा काम
इस समय जो एजेंसियां डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम कर रही हैं, इसके लिए न तो टेंडर ही निकाले गए हैं और न ही कोई जमानत राशि ली गई है, जिसके चलते यह एजेंसियां जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही हैं और जगह-जगह से शिकायतें भी आ रही हैं। कुछ एजेंसियां तो काम छोड़कर भी भाग गई हैं। माना जा रहा है कि जब यह एजेंसियां दस लाख रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करेंगी, तो जिम्मेदारी से काम करेंगी।
अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम टेंडर प्रक्रिया के जरिये ही मिलेगा। इसके लिए टेंडर भी निकाल दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया क्वालीफाई करने के बाद जिस एजेंसी को काम मिलेगा, उसे दस लाख रुपये सिक्योरिटी मनी भी जमा करनी होगी।
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त