बरेली। आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड के नाम पर उगाही की शिकायत मिलने पर अधिकारियों ने जिला अस्पताल से कैंप हटवाया तो दलालों ने कमाई के दूसरे जरिये ढूंढ लिए। अब अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को नए ठिकानों का पता बताकर वहां भेज रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया, जब पीड़ित एक दुकानदार का विजिटिंग कार्ड लेकर सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता के पास पहुंचा। उसने बताया की तीन महीने पहले फार्म भरने के बाद भी अब तक कार्ड नहीं बन पाया। जिला अस्पताल आया तो यहां उसे एक व्यक्ति ने एक दुकान का विजिटिंग कार्ड पकड़ा दिया।
संजय नगर निवासी रमेश कुमार ने करीब तीन महीने पहले लाभार्थी कार्ड बनने के लिए फार्म भरा था। अभी तक कार्ड नहीं बना तो वह बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे। रमेश ने बताया कि यहां एक व्यक्ति ने उन्हें किसी फोटोस्टेट की दुकान का विजिटिंग कार्ड देकर वहां जाने के कह दिया। कोई सहायता न मिलने पर रमेश शिकायत लेकर सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता के पास पहुंचे। रमेश को सीएमओ के पास भेजा गया लेकिन उनके नहीं होने के कारण मदद नहीं मिल पाई। रमेश को दिया विजिटिंग कार्ड उसी दुकान का है जिस पर कुछ दिन पहले लाभार्थी 20 रुपये उगाही करने का आरोप लगाकर सीएमओ के पास शिकायत करने पहुंचे थे। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने तत्काल कैंप भी हटवा दिया था। अब कैंप में उगाही बंद हुई तो यह लोग मरीजों को ठगने के लिए उन्हें ठिकानों के विजिटिंग कार्ड बांटने लगे। सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने बताया कि ऐसा मामला एक लेकर व्यक्ति आया था। उसे संबंधित कर्मचारी के पास भेज दिया गया।
‘ऐसा कोई मामला हमारे संज्ञान में नहीं हैं। कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
- डॉ. विनीत शुक्ल, सीएमओ