बरेली। जिले के सभी गांवों और मजरों के विद्युतीकृत होने का दावा करते हुए पॉवर कारपोरेशन ने पिछले दिनों मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक को पत्र लिखकर बरेली को ‘सौभाग्यशाली’ जिला घोषित करने का अनुरोध किया था। मगर शुक्रवार शाम हुए हादसे ने इस दावे की पोल खोल दी। पड़ताल में सामने आया कि जिस पोल को लगाने के दौरान हादसा हुआ वह सौभाग्य योजना के तहत ही लगाया जा रहा था, जबकि विभाग काम पूरा होने का दावा कर शासन को रिपोर्ट भी भेज चुका है।
पिछले सप्ताह पावर कॉरपोरेशन के अधिशासी अभियंता पीए मोगा की ओर से भेजे गए पत्र में शासन को बताया गया कि केंद्र सरकार की ‘सौभाग्य योजना’ के अंतर्गत बरेली के बिजली से वंचित सभी गांवों और मजरों में बिजली पहुंचाकर घर-घर कनेक्शन भी दे दिए गए हैं। उस समय भी अमर उजाला ने बिजली विभाग के इस दावे की पोल खोली थी। अमर उजाला ने बहेड़ी और मीरगंज के कई गांवों में अब तक बिजली न पहुंचने की खबर प्रकाशित की थी। इसी बीच शुक्रवार को कांधरपुर में पोल लगाते समय हाईटेंशन लाइन गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया। तब पता चला कि इस गांव में भी सौभाग्य योजना के तहत अभी काम बाकी रह गया था। इसे पूरा कराने के दौरान ही यह हादसा हुआ। इससे साफ है कि जिले में सौभाग्य योजना का काम अभी पूरा ही नहीं हुआ है और बिजली अफसरों ने शासन को फर्जी रिपोर्ट भेजकर गुमराह कर दिया है।
शटडाउन लिए बगैर हो रहा था हाईटेंशन लाइन के नीचे काम
बरेली। पावर कॉरपोरेशन ने कांधरपुर गांव में हुए हादसे के बाद दो सदस्यीय समिति गठित कर दी है। प्रारंभिक जांच में कार्यदायी संस्था बजाज इलेक्ट्रिकल कंपनी दोषी पायी गई है। कंपनी ने अवैध तरीके से अपने स्तर से अप्रशिक्षित लोगों को लाइन बनाने और खंभे लगाने का काम दे दिया था। इससे खंभे लगाते समय हादसा हो गया।
कांधरपुर गांव में बजाज इलेक्ट्रिकल कंपनी सौभाग्य योजना के तहत घर घर कनेक्शन देने को लो टेंशन लाइनें बनवा रही है। उसकी ओर से काम करने वाले ठेकेदार ने विभाग से शटडाउन लिए बगैर ही खंभे लगवाना शुरू कर दिया। सुरक्षा मानकों को ताक पर रख कर हो रहे कार्य के चलते हाईटेंशन लाइन टूटकर नीचे गिर गई। इससे एक श्रमिक की मौत हो गयी और अन्य एक गंभीर घायल हो गया। हादसे से बेखबर कार्यदायी संस्था प्रोजेक्ट मैनेजर पीसी त्रिपाठी ने जानकारी मिलते ही लीपापोती कराना शुरू कर दी। वह मौके पर भी नहीं गए और न ही उन्हें हादसे की कोई जानकारी मिली। उधर, कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर विभाग ने दो सदस्यीय समिति गठित कर दी है। इसमें एसडीओ आशीष राहुल और जेई विकास यादव नामित किए गए हैं। समिति तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
मजदूर बताते तो ले लेते शटडाउन
कार्यदायी कंपनी के सीनियर इंजीनियर रवि कुमार ने बताया कि शुक्रवार को मजदूर दूसरी जगह काम कर रहे थे। उनको बिना बताए ही शाम के समय उन्होंने काम की जगह बदल दी। इसके बाद हादसा हो गया। अगर मजदूर उन्हें बता देते तो शटडाउन ले लिया जाता।
कांधरपुर गांव में सौभाग्य योजना के तहत बजाज कंपनी काम कर रही है। मानक के अनुरूप कार्य कराना कंपनी की जिम्मेदारी है। हादसे की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। - एलबी सिंह, एक्सईएन ग्रामीण
मृतक मजदूर के परिवार ने तहरीर देने की बात कही है लेकिन अब तक कोई थाने नहीं पहुंचा। जैसे ही तहरीर आएगी ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप कुमार, सीओ प्रथम