बरेली। बदायूं दिशा में जाने वाली रोडवेज बसों के अव्यवहारिक डायवर्जन को लेकर जहां परिवहन निगम का स्टाफ बेचैन है वहीं यात्री भी फिजूल में एक घंटा और 34 रुपये बर्बाद करने से बच रहे हैं। यही वजह है कि बरेली से खाली जाने वाली रोडवेज बसों में बुखारा और रामगंगा से यात्रियों की संख्या संतोषजनक हो जाती है। इस रूट की ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ी है।
लाल फाटक पर सेतु निगम के निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास लगातार हो रहे हादसों की वजह से बदायूं जाने वाली रोडवेज बसें शहर से बुखारा मोड़ तक तीन किमी की दूरी को फरीदपुर होते हुए 36 किमी अतिरिक्त चलकर तय कर रही हैं। इससे रोडवेज स्टाफ से लेकर यात्री तक परेशान हैं। नतीजा यह है कि लोग रोडवेज बसों की बजाय ट्रेन या डग्गामार वाहनों से सफर करना बेहतर समझ रहे हैं। कई यात्री टेंपो से बुखारा मोड़ या रामगंगा जाकर रोडवेज बसों में बैठ रहे हैं। स्टाफ ने इस स्थिति के बारे में आरएम और एआरएम को बता दिया है।
नेकपुर से डग्गामारी जारी, रोडवेज स्टैंड नहीं बनेगा
बदायूं से आने वाली बसों को अभी चौपुला होकर ही शहर में लाया जा रहा है। परिवहन निगम के अधिकारियों की मंशा थी कि इन बसों का अस्थाई स्टैंड नेकपुर चीनी मिल के सामने उस जगह बना दिया जाए जहां से डग्गामार वाहन और प्राइवेट बसें जाती हैं। बसों का आना-जाना दोनों ही इधर से हो जाएं तो समस्या काफी हद तक सुलझ जाए। बरेली डिपो के एआरएम चीनी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अफसरों के सामने यह प्रस्ताव रखा लेकिन बात नहीं बनी। संबंधित जगह के मालिक भी इसके लिए तैयार नहीं हैं।
बुखारा में बन सकता है अस्थाई अड्डा
समस्या को देखते हुए परिवहन निगम के अधिकारी बुखारा मोड़ पर ही अस्थाई बस अड्डा बना सकते हैं। यहां के लिए अलग से किराया तय किया जाएगा। संभव है कि बसों को दिन में बदायूं से बुखारा मोड़ तक ही लाया जाए। एआरएम ने बताया कि वह इस बारे में उच्चाधिकारियों से मशविरा कर रहे हैं।