दूर संचार विभाग देश भर के डिग्री कॉलेजों को डिजिटल मोड में लाने जा रहा है। इससे कॉलेजों के सारे कार्य स्मार्ट तरीके से हो सकेंगे। चाहें छात्रों की उपस्थिति दर्ज करनी हो या फीस जमा करानी हो, टाइम टेबल या छात्रों को कोई प्रोजेक्ट वर्क देना हो, सब इस मोबाइल ऐप के जरिये हो सकेगा। इसके लिए दूर संचार विभाग ने इनोवेशन इन मोबाइल एप्लीकेशन एंड डेवलपमेंट ईकोसिस्टम (आई-मेड) मोबाइल ऐप तैयार किया है। देश भर के कॉलेज एस ऐप से जुड़ेंगे। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इसके लिए कैंपस और संबद्ध सभी कॉलेजों को आदेश जारी किया है। ऐप के लिए कॉलेजों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। ऐप विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जल्द उपलब्ध होगा।
कॉलेजों और छात्रों को ये होंगे फायदे
सरकार का मकसद कॉलेजों को स्मार्ट बनाना है, ताकि सारे कार्य ई-मोड में हो सकें। कोआर्डिनेटर इशिका प्रिया के अनुसार आई-मेड मोबाइल ऐप की मदद से कॉलेज टाइम टेबल, परीक्षा का शेड्यूल तैयार कर सकते हैं। ऐप में सिर्फ डाटा फीड करना होगा। छात्रों की उपस्थिति, छात्रों को असाइंमेंट देना, ऑनलाइन लेक्चर, ई-क्लास की सुविधा भी दे सकते हैं। छात्रोें की फीस भी इसी माध्यम से जमा हो सकती है। सूचनाएं, परीक्षा कार्यक्रम, ऑफिस मैनेजमेंट के कार्य, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्टार्ट-अप भी शुरू किया जा सकता है।
विवि में होगी वर्कशाप
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के कोआर्डिनेटर डॉ. विनय ऋषिवाल के अनुसार आई-मेड के प्रयोग के लिए जल्द एक वर्कशाप कराई जाएगी। इसमें सभी कॉलेजों को बुलाया जाएगा। इस मोबाइल ऐप का उपयोग सभी कॉलेज करेंगे। इसकी मदद से कॉलेज विश्वविद्यालय से भी जुड़ सकेंगे। ये ऐप जल्द विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। यहां से कॉलेज इसे डाउनलोड कर सकते हैं।