बरेली। ‘श्रीराम मंदिर निर्माण कराना ही हमारा उद्देश्य है। मंदिर निर्माण में प्रत्येक संभावित बाधा के लिए हम पहले से ही तैयार हैं। राजनीतिक प्रयास असफल हो चुके हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। फैसला हमारे हक में ही आएगा। फिर भी यदि ऐसा न हुआ तो हम जनांदोलन करेंगे। सभी संत समुदाय दिल्ली पहुंचकर वार्ता करेंगे। मंदिर निर्माण कराना ही होगा क्योंकि इससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है।’ यह बातें श्रीरामजन्म भूमि मंदिर न्यास के उपाध्यक्ष संत आत्मानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।
कहा कि जैसे वाराणसी काशी विश्वनाथ की, अयोध्या श्रीराम की, मथुरा श्रीकृष्ण की वैसे ही बरेली नाथों की नगरी है, जिनकी परिक्रमा से संपूर्ण बरेली की परिक्रमा होती है। बताया कि इससे पहले वह चुनाव के दौरान बरेली पहुंचे थे, लेकिन अबकी बार वह धर्म जागरण के लिए बरेली आए हैं।
बता दें कि सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे संतश्री रोहिली टोला स्थित नवदुर्गा मंदिर पहुंचे। वहां आचार्य पं. मुकेश मिश्रा व रोहिली टोला निवासियों ने उनका स्वागत किया। फिर वह गंगा महारानी और वनखंडीनाथ से नाथों के दर्शन और पूजन को गए। शाम करीब चार बजे सातों नाथों के दर्शन करने के बाद सर्किट हाउस पहुंचे।
नवीन गोयल ने बताया कि सोमवार को महाराज शाम चार बजे गंगापुर नाग पंचमी मेला ग्राउंड से धर्म जागरण यात्रा की शुरुआत करेंगे जो हरि मंदिर पर समाप्त होगी। यहां धर्म के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा।