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Bareilly News: तीन महीने से फंसे 900 डीएल, आरसी और एचएसआरपी मिलने में भी देरी

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बरेली। ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) हासिल करना मुश्किल हो गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद भी जिले में 900 लोगों को डीएल नहीं मिल सके हैं। लखनऊ मुख्यालय स्तर पर चिप की कमी के कारण डीएल जारी नहीं हो पा रहे। दूसरी ओर इन दिनों वाहन की आरसी और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) समय से मिलने की भी समस्या आ रही है। अधिकारी सफाई दे रहे हैं कि स्थानीय स्तर पर कोई डीएल या पंजीकरण लंबित नहीं है।
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परिवहन विभाग में डीएल बनाने का काम पहले ही निजी कंपनी को दिया जा चुका है। अस्थाई यानी लर्निंग डीएल फेस लेस है। यह किसी भी जन सुविधा केंद्र पर जाकर बनवाया जा सकता है, लेकिन स्थाई डीएल के लिए पहले टेस्ट देना होता है। परिवहन विभाग का काम सिर्फ टेस्ट के लिए तारीख तय करना है।
इसके बाद आवेदक को परसाखेड़ा स्थित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट से गुजरना होता है। पास होने पर सीधे लखनऊ से डीएल संबंधित आवेदक के पते पर डाक से भेजा जाता है। इसके लिए 15 दिन का समय तय है, लेकिन जिले में 900 से ज्यादा आवेदकों के डीएल दो से तीन माह बीतने के बाद भी नहीं मिल सके हैं।
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डीएल को लेकर पहले से ही समस्या चल रही थी, अब वाहनों की आरसी और एचएसआरपी भी समय पर नहीं मिल रही। इसमें भी एक से दो महीने का समय लग रहा है। वाहन स्वामी आरसी के लिए परिवहन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। एचएसआरपी का काम भी निजी कंपनी संभाल रही है। समय से एचएसआरपी न मिलने के कारण ऑटो मोबाइल डीलर भी परेशान हैं।


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सर्वर में समस्या, ओटीएस के अंतिम दिन भटके वाहन स्वामी
परिवहन विभाग के सर्वर में बार-बार आ रही समस्या के कारण बुधवार को परिवहन विभाग की एकमुश्त समाधान योजना के अंतिम दिन टैक्स जमा करने आए वाहन स्वामी भी भटकते रहे। जिन वाहन स्वामियों ने सुबह के समय एकमुश्त टैक्स जमा कर दिया उनको रसीद शाम को मिल सकी। मंगलवार को भी परिवहन कार्यालय में यही स्थिति बनी रही।


बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे वाहन
नियम है कि कोई ऑटो मोबाइल डीलर बिना एचएसआरपी के वाहन की डिलीवरी नहीं देगा, लेकिन समय से एचएसआरपी नहीं मिलने के कारण काफी संख्या में लोग बिना एचएसआरपी के ही वाहन की डिलीवरी ले रहे हैं। इन वाहनों को बिना नंबर प्लेट के ही चलाया जा रहा है। इनकी संख्या का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक जनवरी से 31 दिसंबर तक नंबर प्लेट न होने को लेकर पुलिस और परिवहन विभाग ने 378 वाहनों को सीज किया है।


डीएल लखनऊ से सीधे आवेदक के पते पर भेजे जाते हैं। वहां चिप का संकट है। एचएसआरपी का काम भी निजी कंपनी करती है। कभी-कभी सर्वर की गति धीमी होने के कारण आरसी जारी होने में समय लग जाता है।- मनोज कुमार, एआरटीओ (प्रशासन)
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