फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: बारिश के कारण दो जर्जर मकान धराशायी, सड़क तक आ गया मलबा, थाने के सामने पेड़ गिरा

Tue, 05 Aug 2025 01:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में बारिश से मंगलवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब आठ घंटे तक लगातार बारिश होती रही। बारिश से दो पुराने मकान गिर गए। प्रेमनगर थाने के सामने विशाल पेड़ सड़क पर गया। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। 
विज्ञापन
मकान का मलबा हटाते लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में मूसलाधार बारिश के बीच मंगलवार को सुभाषनगर व जकाती मोहल्ले में दो जर्जर मकान धराशायी हो गए। गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया। मलबा सड़क पर आने की वजह से आवागमन बाधित हो गया। धराशायी हुए मकानों के कुछ हिस्से अब भी बचे हैं, इनके भी कभी भी गिरने का अंदेशा है।  

विज्ञापन


सुभाषनगर में खालसा स्कूल की गली में मंगलवार सुबह करीब नौ बजे प्रीतम लाल खुराना का करीब 90 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भर-भराकर गिर गया। मलबे की वजह से यहां दोपहर दो बजे तक आवागमन ठप रहा। प्रीतम के बेटे विनोद खुराना ने बताया कि मकान जर्जर होने की वजह से खाली पड़ा था। जो हिस्सा बचा है, उसे जल्द ही गिरवा दिया जाएगा। 

वहीं, बजरिया पूरनमल स्थित जकाती मोहल्ले में चार-पांच साल से बंद पड़े जर्जर मकान का एक हिस्सा सोमवार को रात करीब 12 बजे गिर गया। चौकीदार धनसिंह ने बताया कि जिस समय मकान गिरा वह मकान से दो कदम ही आगे थे। मलबा गिरा तो वह दूसरी ओर फंस गए। उन्होंने बताया कि खतरे की जानकारी पहले ही मकान मालिक को दी गई थी। नगर निगम को भी बताया गया था। इसके बाद भी कोई नहीं चेता।  
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- बारिश से हाल बेहाल: बरेली में जर्जर मकान गिरा... सड़कों पर जलभराव से आफत, घरों में भरा पानी; देखें तस्वीरें

शहर में 200 मकान जर्जर
शहर के विभिन्न हिस्सों में 200 मकान ऐसे हैं जिनके गिरने का खतरा है। ये मकान 100 से 200 साल तक पुराने हैं। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि जर्जर मकानों को ध्वस्त करने में जो अड़चनें हैं, उन्हें दूर कराया जाएगा। 

पड़ोसियों को दहशत के मारे नींद नहीं आई
जकाती मोहल्ले में जो मकान गिरा उसके एक हिस्से की दीवार मनु सक्सेना के मकान से सटी है। मनु के बेटे शिवांश ने बताया कि मकान का जो हिस्सा बचा है वह कभी भी गिर सकता है। डर की वजह से वह पूरी रात सो नहीं पाए।  अभी मौके पर दो मंजिला खंडहर इमारत के कुछ हिस्से खड़े हैं। इनकी मिट्टी खिसक रही है  रोड़ा गिर रहा है। अब यहां सो नहीं सकते। हम भी रिश्तेदारी में जाएंगे क्योंकि मलबा कभी भी जानलेवा हो सकता है।
विज्ञापन


थाने के सामने गिरा पेड़ 
मैकेनियर रोड पर प्रेमनगर थाने के पास मंगलवार को सुबह दस बजे करीब 60 वर्ष पुराना पेड़ गिर गया। दोपहर बाद निगम की टीम पहुंची। गिरा हुआ पेड़ हटाने के दौरान दोनों ओर के वाहन सड़क पर एक ही लेन से चले तो जाम लग गया। दिनभर यहां से आवागमन प्रभावित रहा।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें