बरेली। अधिकारियों की लापरवाही से जिले के 8590 छात्र-छात्राएं पिछले साल छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित रह गए थे, लेकिन अब सरकार की ओर से इन लोगों को लाभ देने के संबंध में कार्रवाई तेज हो गई है। संबंधित 141 महाविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट से संबंधित छात्र-छात्राओं का सत्यापन प्रारंभ हो गया है, जो सात नवंबर तक पूरा होना है। इन छात्रों को 28 नवंबर तक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ देने की तारीख भी तय हो गई है।
वर्ष 2024-25 में कक्षा-11 व 12 छोड़कर अन्य दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ नहीं मिल पाया था। जिस पर शासन ने समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर और पटल प्रभारी की लापरवाही मानी थी। इनमें समाज कल्याण अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की थी और बाबू को निलंबित कर दिया था। अब छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित छात्र-छात्राओं का सत्यापन शुरू हो गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद डीएम अविनाश सिंह संबंधित छात्र-छात्राओं के सत्यापन करा रहे हैं। उन्होंने अधिकारी वार महाविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट का आवंटन भी कर दिया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन ने बताया कि जिले के 141 महाविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट में करीब 8,590 छात्र-छात्राएं हैं, जो पिछले साल छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए थे। उन सभी छात्र-छात्राओं का सत्यापन हो रहा है। वंचित छात्र-छात्राओं का विवरण ऑनलाइन करने संबंधी संपूर्ण कार्रवाई 25 नवंबर तक पूरी होनी है। इसके बाद 27 नवंबर को विभागीय अधिकारी डिजिटल हस्ताक्षर से लॉक डाटा के आधार पर मांग सृजित करेंगे। फिर 28 नवंबर को छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि पहुंच जाएगी। संवाद
सत्यापन में लगाए गए अधिकारी
डीआईओएस, बीएसए, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी के साथ ही राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, राजकीय पॉलीटेक्निक सीबी गंज, राजकीय अवंतीबाई महिला महाविद्यालय, डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय आंवला, राजकीय महाविद्यालय फरीदपुर, राजकीय पॉलीटेक्निक बहेड़ी, राजकीय संघटक महाविद्यालय नवाबगंज और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सीबीगंज के प्राचार्य लगाए गए हैं। इनके साथ में रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के प्रो. पीबी सिंह को भी छात्र-छात्राओं के सत्यापन के संबंध में आठ महाविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट की जिम्मेदारी दी गई है।