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नई रिपोर्ट ने बिगाड़ा हिसाब.. जेल नए वाले जाएंगे या पुराने साहब

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बरेली। रजऊ परसपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की कुछ जमीन पर मेयर उमेश गौतम की इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के अवैध कब्जे का मामला उलझ गया है। तत्कालीन मेयर डॉ. आईएएस तोमर के कार्यकाल में यहां हुई पैमाइश में करीब 59 सौ वर्ग मीटर जमीन पर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी का अवैध कब्जा पाया गया था तो अब नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन के अनुरोध पर फरीदपुर तहसील की टीम ने दो दिनों तक पैमाइश करने के बाद रिपोर्ट दी है कि मौके पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की 310 मीटर जमीन ज्यादा है। पूर्व मेयर डॉ. तोमर ने अब इस विरोधाभास पर कोर्ट में जवाब मांगने की बात कही है।
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नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. की तैनाती के बाद से ही उनके और मेयर उमेश गौतम के बीच जंग छिड़ी हुई है। दोनों एक-दूसरे को घेरने के लिए कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। मेयर के खिलाफ पोर्टेबल शॉप से हुई यह शुरुआत अब उनकी दुखती रग माने जाने वाले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक जा पहुंची है। उमेश गौतम की कोशिश किसी भी तरह रजऊ परसपुर से प्लांट को शिफ्ट कराने की है जबकि हाल ही में नगर आयुक्त सुप्रीम कोर्ट में उसे फिर वहीं चलाने का हलफनामा देने की तैयारी में हैं। इसी के चलते नगर आयुक्त ने पिछले दिनों डीएम से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की जमीन की पैमाइश कराने का अनुरोध किया था। डीएम ने इसकी जिम्मेदारी फरीदपुर तहसील को दी। शुक्रवार और शनिवार को नगर निगम व फरीदपुर तहसील की टीम ने तहसीलदार आनंद सिंह की अगुवाई में पैमाइश की।
नगर आयुक्त ने अपने पत्र में अलग-अलग 21 गाटा में नगर निगम की जो जमीन बताई, उसका क्षेत्रफल 8.586 हेक्टेयर निकला। मगर टीम ने जब पैमाइश की तो मौके पर 8.617 हेक्टेयर जमीन निकली। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गाटा में उल्लखित जमीन से स्थलीय निरीक्षण में मौके पर मिली जमीन 0.031 हेक्टेयर अधिक है।
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नक्शे पर उठे सवाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह जमीन आकारपत्र (नक्शा) के आधार पर 0.118 हेक्टेयर कम है। ऐसे में प्लांट की जमीन के नक्शे पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि इसके नक्शे में गड़बड़ी की गई है क्योंकि रकबा के हिसाब से नक्शा बड़ा है।

गौतम ने खुद माना था अवैध कब्जा
डॉ. आईएस तोमर के कार्यकाल में भी इस जमीन की जिला प्रशासन से पैमाइश कराई गई थी। तब उन्होंने मेयर उमेश गौतम की इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में सरकारी जमीन दबे होने की बात कही थी। डॉ. तोमर का कहना है कि इस बारे में इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी की ओर से भी लिखकर दिया गया था कि उन्होंने कुछ जमीन दबा रखी है। पैमाइश के बाद इन्वर्टिस की दीवार भी गिराई गई थी।

रजऊ में नगर निगम की जमीन की पैमाइश करके रिपोर्ट तहसीलदार को भेज दी गई है। एसडीएम के माध्यम से यह रिपोर्ट नगर आयुक्त को भेजी जा रही है। नगर आयुक्त के बताए रकबे के अनुसार मौके पर 0.031 हेक्टेयर जमीन ज्यादा पाई गई है। - शराफत हुसैन, कानून गो, फरीदपुर

यह रिपोर्ट गलत है। पिछली बार राजस्व विभाग की रिपोर्ट में 5900 वर्ग मीटर जमीन कम बताई गई थी। उन्होंने स्वयं भी इस बारे में लिखकर दिया था, अब जमीन ज्यादा कैसे हो गई? यह रिपोर्ट बनाने वालों को कोर्ट में जवाब देना पड़ेगा। - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर
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