शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की बहन जाह्नवी प्रसाद का वोट पोस्टल बैलट से डाले जाने के मामले में लेखपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही नायब तहसीलदार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर एसडीएम सदर वेद सिंह चौहान ने यह कार्रवाई की है। इस संबंध में रिपोर्ट चुनाव आयोग को भी भेजी गई है।
मतदान वाले दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद अपनी कांता प्रसाद, पत्नी नेहा प्रसाद और बहन जाह्नवी प्रसाद के साथ मतदान करने सुदामा प्रसाद स्कूल स्थित मतदान केंद्र पहुंचे थे। यहां पता लगा कि जितिन की बहन जहनवी प्रसाद का वोट बैलट के जरिए पहले ही डाला जा चुका है। ऐसे में जाह्नवी मतदान से वंचित रह गई थीं। जाह्नवी को मतदान केंद्र 165 पर मतदान करना था। सूची में उनका नाम 790 वें नंबर पर था। पोस्टल बैलट से वोट पड़ने को लेकर जितिन प्रसाद ने नाराजगी जताई थी। यह भी बोले थे कि चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। चूंकि मामला पूर्व केंद्रीय मंत्री की बहन के वोट का था। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने इसे गंभीरता से लेकर जांच कराई। पता लगा कि लेखपाल मनोज वाजपेई की वजह से यह चूक हुई। गलत क्रमांक पर टिक होने से जाह्नवी का वोट पड़ गया। नायब तहसीलदार रामेश्वर यादव की भूमिका भी लापरवाहीपूर्ण पाई गई। डीएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश एसडीएम सदर को दिया। एसडीएम सदर वेद सिंह चौहान ने लेखपाल मनोज वाजपेई को सस्पेंड कर दिया है, वहीं नायक तहसीलदार रामेश्वर यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने इसकी पुष्टि की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री के बहन का वोट पोस्टल बैलट से डाले जाने में लेखपाल और नायब तहसीलदार की लापरवाही सामने आई है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट चुनाव आयोग को भी भेजी गई है।
-अमृत त्रिपाठी, डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी