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मोदी जी! रेलवे वालों को भी तो जरा फौजियों का सम्मान करना सिखा दो

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बरेली। सेना के शौर्य पर एक तरफ पूरे देश में लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की जा रही है और दूसरी तरफ बृहस्पतिवार को जंक्शन पर रेलवे के स्टाफ ने साबित कर दिया कि यह सब लफ्फाजी से ज्यादा और कुछ नहीं है। सरहद से छुट्टी पर घर लौट रहा एक फौजी बरेली जंक्शन पर ट्रेन के लगेज कोच से अपना सामान उतरवाने को पार्सल स्टाफ से बार-बार आग्रह करता रहा, लेकिन कुछ कारोबारियों का सामान ट्रेन में लोड कर रहे पार्सल स्टाफ ने यह कहकर इंकार कर दिया कि यहां ट्रेन का स्टॉपेज सिर्फ दो मिनट का है, लिहाजा उसका सामान नहीं उतारा जा सकता। कारोबारियों का सामान लोड करने के लिए ट्रेन 12 मिनट रोकी गई तो फौजी का पारा चढ़ गया। उसने स्टेशन ऑफिस की पुस्तिका में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद उसका सामान ट्रेन में ही चला गया।
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पीलीभीत के बिलसंडा कस्बे के सुखवीर सिंह आर्मी में है। चार महीनों से वह जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। हाल ही में सीमा पर तनाव भरा माहौल हल्का होने के बाद उन्होंने घर आने की छुट्टी मंजूर कराई थी। जम्मू से बुधवार को सुखवीर अर्चना सुपरफास्ट एक्सप्रेस से बरेली पहुंचे। उन्होंने एक बड़ा बक्सा, तीन-चार बैग और कुछ और सामान लगेज कोच में बुक कराया था। जंक्शन पर ट्रेन दोपहर 12.47 बजे पहुंचने के बाद जब लगेज कोच से उनका सामान उतारने के लिए कोई नहीं पहुंचा तो सुखवीर परेशान हो गए। इधर-उधर नजर दौड़ाई तो देखा कि प्लेटफार्म पर ही पार्सल स्टाफ कुछ कारोबारियों का सामान लोड करने में जुटा हुआ था।
सुखवीर ने पार्सल स्टाफ से लगेज कोच से अपना सामान उतारने को कहा तो उन्हें दो टूक जवाब दिया गया कि ट्रेन का बरेली जंक्शन पर स्टॉपेज सिर्फ दो मिनट का है। लिहाजा उनका सामान नहीं उतारा जा सकता। यही नहीं उन्हें नसीहत भी दे दी गई कि उन्हें इस ट्रेन में सामान बुक ही नहीं कराना चाहिए था। परेशान होकर सुखवीर ने ट्रेन के गार्ड से कुछ देर ट्रेन रोककर सामान उतरवाने का आग्रह किया, लेकिन गार्ड ने भी साफ इंकार कर दिया। उधर, कारोबारियों का सामान लोड करने के लिए ट्रेन लगभग 12 मिनट रुकी रही। इस पर सुखवीर की पार्सल स्टाफ से नोकझोंक भी हुई, लेकिन आखिरकार उनका सामान नहीं उतर सका और 12.57 बजे ट्रेन चल दी। उनका सामान भी ट्रेन के साथ चला गया।
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अब लखनऊ से लौटेगा फौजी का सामान
रेलवे स्टाफ के रवैये से खिन्न होकर सुखवीर ने स्टेशन ऑफिस की पुस्तिका में अपनी शिकायत दर्ज की। रेल अधिकारियों से संपर्क किया तो बताया गया कि उनका सामान अब लखनऊ से वापस आएगा। उन्हें यह सामान लेने दोबारा जंक्शन आना पड़ेगा। जंक्शन पर सुखवीर के परिवार के लोग भी उन्हें लेने पहुंचे हुए थे। सुखवीर उनके साथ चले गए। पार्सल स्टाफ का कहना था कि सुखवीर का सामान ट्रेन में काफी पीछे था, इसी वजह से उसे नहीं उतारा जा सका।
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