बरेली। जिला शुल्क समिति की ढिलाई से प्राइवेट स्कूल मनमानी पर उतर आए हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अभिभावकों से मनमाफिक लेट फीस वसूल रहे हैं। कइयों ने तो लेट फीस न चुकाने पर बच्चों के रिपोर्ट कार्ड रोक दिए हैं। बुधवार को ताजा मामला कैंट स्थित सेंट मारिया गौरेटी कॉलेज का सामने आया। फीस कम होने की आस में जिन अभिभावकों ने जमा नहीं की कॉलेज ने उनसे 2600 रुपये विलंब शुल्क वसूल लिया। जिन अभिभावकों ने देने से आनाकानी की उनके बच्चों के रिपोर्ट कार्ड रोक दिए।
जिला शुल्क समिति अब तक कागजी कार्रवाई में ही उलझी है। फीस मामले की फाइल डीएम और डीआईओएस कार्यालय के बीच फुटबॉल बनी हुई है। एक दिन पूर्व ही डीएम ने डीआईओएस को फाइल यह कहकर लौटा दी कि इस पर वार्ता होगी। हालांकि यह कब होगी किसी को नहीं पता। अफसर पूरे साल फीस मामले में टालमटोल करते रहे। बैठकें हुईं, स्कूलों से रिकॉर्ड लिए गए, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात रहा। अब स्कूल प्रशासन भी समझ गए कि समिति आंख मूंदे बैठी है, अभिभावकों के चीखने चिल्लाने का उस पर कोई असर नहीं होने वाला। सूत्रों की माने तो कुछ स्कूल संचालकों ने अफसरों से सेटिंग कर ली है। बैठकों के नाम पर अब सिर्फ खानापूर्ति होगी। इसी का फायदा अब स्कूल संचालक उठा रहे हैं। जबरन मनमानी फीस वसूल रहे। जो अभिभावक देने में देरी कर रहे हैं उन पर लेट फीस लगा रहे हैं। सेंट मारिया ने कई अभिभावकों पर दो से ढाई हजार रुपये लेट फीस लगाई है। कुछ अभिभावकों ने जब फीस चुकाने से इनकार किया तो उनके बच्चों के रिपोर्ट कार्ड रोक लिए। कई अभिभावकों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनसे दो टूक कह दिया कि जहां चाहो शिकायत करो लेट फीस चुकानी ही पड़ेगी। मजबूरन उन्हें लेट फीस देनी पड़ी। सिर्फ सेंट मारिया ही नहीं बल्कि अधिकतर स्कूल यही कर रहे हैं। जबकि नियमानुसार स्कूल इतनी लेट फीस नहीं वसूल सकते। इस संबंध में जब सेंट मारिया की प्रिंसिपल सुनीता माओ से बात करनी चाही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया। जबकि वह जिला शुल्क समिति में स्कूल प्रतिनिधि के रूप में सदस्य हैं।
अगर इतनी लेट फीस वसूली जा रही है तो अभिभावक शिकायत करें। स्कूल पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में डीएम से बात की जाएगी।
- डॉ. अवनीश यादव, कार्यवाहक डीआईओएस
शैक्षिक सत्र समाप्त होने को है। जिला शुल्क समिति ने कोई एक्शन नहीं लिया। स्कूल मनमानी लेट फीस वसूल रहे हैं, जबकि बोर्ड और राज्य सरकार के नियम में ऐसा कुछ नहीं है। अगर ऐसे ही अभिभावक लूटते रहे तो मजबूरन उनको सड़कों पर उतरना होगा और इसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा। सेंटर मारिया की प्रिंसिपल को जिला शुल्क समिति से हटाया जाए।
- एडवोकेट खालिद जिलानी, पेेरेंट्स फोरम
मैं कई बार अभिभावकों की बात उठा चुका हूं। सभी स्कूल मनमानी लेट फीस ले रहे हैं। समिति बैठक ही नहीं कर रही तो हल कहां से निकलेगा। अगर जल्द कोई हल नहीं निकला तो अभिभावक आंदोलन को मजबूर होंगे।
- अंकुर यादव, जिला शुल्क समिति में अभिभावक प्रतिनिधि