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डॉक्टर रिश्वत प्रकरण

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जिला अस्पताल रिश्वत प्रकरण :
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ये क्या हो रहा डॉक्टर साहब! अब 10 हजार

एक हजार मांगने के मामले में डॉक्टर के बयान दर्ज नहीं, घूसखोरी के और आरोप आए सामने

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शिव दत्ता के रिश्वत मांगने के आरोप में घिरने के बाद अब जिला अस्पताल में ऐसे ही दो और मामले सामने आए हैं। एक मामले में आरोप है कि 10 हजार रुपये बतौर घूस न देने पर डॉक्टर टूटे पैर का ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं तो दूसरे मामले में चार हजार रुपये की घूस देने के बाद भी गलत ऑपरेशन कर देने की शिकायत प्रशासन के अधिकारियों से की गई है। उधर, बृहस्पतिवार को डॉ. शिवदत्त रिश्वतखोरी के आरोप पर बयान देने के लिए जांच कमेटी के सामने पेश नहीं हुए। अब उन्हें शुक्रवार का समय दिया गया है।
सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता ने बताया कि जांच कमेटी को दो दिन का समय दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि अभयपुर जोखनपुर के राहुल मिश्रा की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी कि उनकी 80 साल की दादी जगवती को कूल्हे में फ्रैक्चर हुआ था। बुधवार को उनका ऑपरेशन डॉ. शिव दत्ता ने किया था। रॉड बाहर से खरीदवाई गई। बाद में ऑपरेशन थिएटर में बुलाकर नर्स को एक हजार रुपये देने के लिए कहा गया। उन्होंने तीन ऑडियो क्लिप भी सीएमएस को सौंपी थी।
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एक और आरोप, ऑपरेशन के लिए मांगे 10 हजार
जिला अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला शाहजहां का पैर सड़क दुर्घटना में टूट गया था। महिला का आरोप है कि जिला अस्पताल में डॉक्टर उसके पैर का ऑपरेशन करने के लिए उनसे दस हजार रुपये मांग रहे हैं। रकम नहीं दे पाईं तो उनका इलाज तक नहीं किया जा रहा है। समाज सेवा मंच के नदीम शम्सी की ओर से बृहस्पतिवार को इस मामले में डीएम से शिकायत की गई। डीएम ने मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया है।

चार हजार लेकर भी कर दिया गलत ऑपरेशन
फतेहगंज पश्चिमी की 35 वर्षीय महिला स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी है। कुछ वक्त से उन्हें बच्चेदानी से अत्यधिक रक्त रिसाव और गांठ बनने से परेशानी हो रही थी। आठ जनवरी को जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने उससे चार हजार रुपये लिए। गरीबी का हवाला देने जिला अस्पताल के ही उनके साथी डॉक्टर की सिफारिश पर भी नहीं माने। बोले, रेट फिक्स है, बिना इसके काम नहीं होगा। आरोप है कि चार हजार देने के बाद भी डॉक्टर ने गलत ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद पस भी आने लगा। डॉक्टर के छुट्टी पर जाने के बाद 17 जनवरी को सर्दी बुखार की दवा देकर उनकी छुट्टी कर दी गई।
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हमारे पास शिकायत आने के बाद अन्य प्रकरण की जांच करा ली जाएगी। वैसे मरीजों को भी कहा जाता है कि किसी को इलाज के लिए रिश्वत न दें। - डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस
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