बरेली। बीडीए के लेखपाल ने नौकरी से वीआरएस लेकर गैस एजेंसी खोली। एजेंसी चलने लगी तो सर्विस प्रोवाइडर से सांठगांठ कर बीडीए में तिहाई से भी कम तनख्वाह पर दोबारा कच्ची नौकरी करने लगा क्योंकि मामला केवल नौकरी ही नहीं, ऊपरी आमदनी का भी था। बोर्ड बैठक में मामला उठने के बाद बीडीए उपाध्यक्ष ने लेखपाल को हटा दिया है। डीएम से प्रतिनियुक्ति पर नया लेखपाल मांगा गया है।
बीडीए के लेखपाल के मन में बीते साल अचानक गैस एजेंसी खोलने का ख्याल आया तो उसने वीआरएस लेकर गैस एजेंसी खोल ली। मगर, गैस एजेंसी की आमदनी में लेखपाल का मन नहीं लगा तो सर्विस प्रोवाइडर से साठगांठ कर बीडीए में दोबारा बतौर अस्थाई लेखपाल नौकरी कर ली। लेखपाल का काम ठीक चल रहा था, लेकिन बोर्ड बैठक में किसी सदस्य ने कमिश्नर के सामने यह मुद्दा उठा दिया। मामला समझते ही कमिश्नर ने बीडीए उपाध्यक्ष को तत्काल उसे हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार ने उसे हटा दिया और डीएम को पत्र लिखकर दूसरे लेखपाल की मांग की है।