बरेली। नाथनगरी एयर टर्मिनल के प्रथम चरण के कामों में कोई न कोई अड़ंगा लग रहा है। हवाई अड्डा शुरू करने के लिए हाईटेंशन लाइन और उसके करीब 19 पोल को शिफ्ट किया जाना है। पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने इसके लिए जो एस्टीमेट तैयार किया है, उसमें दो बार जीएसटी लगा दिया है। इस पर आपत्ति लगाते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसे जिला प्रशासन को वापस भेज दिया है। अब फिर से माथापच्ची करके दोबारा रिपोर्ट भेजनी होगी। इस संबंध में प्रोजेक्ट के नोडल अफसर/एसएलएओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी ने पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन से भी पूछताछ की है।
निर्माणाधीन हवाई अड्डे के ऊपर से अभी हाईटेंशन बिजली लाइन जा रही है। इसे हटाए बगैर हवाई सेवाएं शुरू कर पाना मुमकिन नहीं है। पॉवर कॉरपोरेशन ने लाइन हटाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी से 1.51 करोड़ रुपये मांगे थे। जनवरी-फरवरी में उड़ान सेवा शुरू करने के दबाव के बीच जिला प्रशासन ने पॉवर कॉरपोरेशन के एस्टीमेट को नागरिक उड्डयन मंत्रालय भेजा, लेकिन इसमें कई तरह की गड़बड़ियां पकड़ में आने के बाद इसे रिजेक्ट कर दिया गया है। मंत्रालय का कहना है, पॉवर कारपोरेशन ने पोल और लाइन शिफ्टिंग के लिए जो खर्च मांगा है, उसमें जीएसटी को दोबार जोड़ दिया गया है। इसके अलावा भी कई कमियां हैं। मंत्रालय ने इन खामियों को दुरुस्त करने के लिए गाइड लाइंस भी भेजी हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी, जिला प्रशासन और पॉवर कॉरपोरेशन के अफसरों को अब नए सिरे से एस्टीमेट तैयार करने के लिए फिर मशक्कत करनी होगी।
एयरपोर्ट से पोल और बिजली लाइन को हटाया जाना है। पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों ने इसके लिए होने वाले खर्च में दोबार जीएसटी क्यों जोड़ा है? यह समझ में नहीं आ रहा है। अब एस्टीमेट को सही करके दोबारा भेजा जाएगा। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, नोडल/ एसएलएओ