बरेली। छात्रवृत्ति न आने के कारण सैकड़ों छात्रों की मार्कशीटें रोक दी गई हैं। शासन में शिकायत होने के बाद अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से ऐसे छात्रों की रिपोर्ट कोर्सवार मांगी गई है। इन छात्रों की छात्रवृत्ति जारी हो सकती है।
दरअसल एससी और एसटी के छात्रों का प्रवेश शून्य फीस पर होता है। उनकी फीस की भरपाई शुल्क प्रतिपूर्ति से होती है। इस सत्र में बड़ी संख्या में छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी। इसलिए उनकी फीस नहीं जमा जा सकी। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में ही ऐसे छात्रों की संख्या सैकड़ों में है। फीस न मिलने के कारण विश्वविद्यालय और कॉलेजों ने छात्रों की मार्कशीट रोक लीं। कह दिया कि अगर छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी तो उनकी मार्कशीट जारी नहीं होगी। फीस के चलते छात्र मार्कशीट नहीं ले पाए। पिछले माह शासन में बैठक हुई तो प्रदेश के लगभग सभी विश्वविद्यालयों में यही स्थिति मिली। शासन ने वर्षवार स्नातक और परास्नातक छात्रों की सूची मांगी, जिनकी छात्रवृत्ति नहीं आई। विश्वविद्यालय ने रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी। अब संयुक्त सचिव श्रवण कुमार सिंह ने दोबारा कुलसचिव को आदेश जारी किया है कि ऐसे छात्रों की सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए ताकि उनका डाटा समाज कल्याण विभाग को भेजा जा सके। अब विश्वविद्यालय ने कैंपस और संबद्ध कॉलेजों को आदेश जारी किए हैं। ऐसे छात्रों का डाटा जुटाकर शासन को भेजा जाएगा।