करीब पांच करोड़ की लागत से तैयार रुहेलखंड विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रयोगशाला का उद्घाटन दो साल पहले दीक्षांत समारोह पर राज्यपाल राम नाईक ने किया था। तीसरा दीक्षांत आने वाला है और प्रयोगशाला का भवन खाली पड़ा है। हालत यह है कि उसमें दीमक तक लग चुकी है। अब विवि प्रशासन दीक्षांत समारोह से पहले इस लैब को शुरू कराने की जुगत में है। इतनी जल्दी अब नए उपकरण तो नहीं खरीदे जा सकते, इसलिए विभागों की लैब को केंद्रीय प्रयोगशाला में शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है, जबकि प्रोफेसर इसके विरोध में खड़े हो गए हैं।
सूत्रों की मानें तो कुछ समय पहले राज्यपाल इस बाबत कुलपति से बात भी कर चुके हैं कि केंद्रीय लैब शुरू हुई या नहीं। उन्होंने ने ही इसका उद्घाटन किया था, लेकिन लैब में अभी तक एक भी उपकरण खरीदा नहीं जा सका है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल फिर इसके बारे में पूछें उससे पहले ही लैब में उपकरण लगाने की तैयारी चल रही है। टेक्निकल एजूकेशन क्वालिटी इंप्रवूमेंट प्रोग्राम के तहत भी कुछ उपकरण खरीदने की तैयारी है पर अभी तक उसका बजट नहीं आया है। एक सीनियर प्रोफेसर ने बताया कि अगर विभागों की लैब केंद्रीय प्रयोगशाला में शिफ्ट हो जाएगी तो सबसे ज्यादा दिक्कत छात्रों को होगी। वो लैब तो इस मकसद से बनाई गई थी कि छात्रों के साथ कॉलेज वाले भी उसका प्रयोग कर सकें।
केंद्रीय लैब में जल्द उपकरण लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किसी विभाग की लैब शिफ्ट नहीं करेंगे। मंथन कर रहे हैं कि किस तरह से उपकरण लाए जा सके। दीक्षांत से पहले लैब में कुछ उपकरण जरूर लगाएंगे।
- प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला, कुलपति