कोर्ट में फैसले के बाद नगर निगम की नई टैक्स दरें लोगाें के गले नहीं उतर रही हैं। इसको लेकर विरोध हो रहा है। नगर निगम में टैक्स जमा करने वाले नहीं जुट रहे हैं, जबकि टैक्स के खिलाफ लड़ाई लड़ रही टैक्स विरोधी समिति के कार्यालय पर लोग अपनी आपत्ति लगा रहे हैं। शहर विधायक अरुण कुमार ने टैक्स को लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना को पत्र लिखा है। मंत्री ने प्रमुख सचिव नगर विकास को इस संबंध में परीक्षण करने के लिए कहा है। लखनऊ में 29 जून को होने वाली बैठक में यह मामला उठाया जा सकता है।
नगर निगम टैक्स विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतीश रोहतगी ने बताया कि नगर निगम को दरें लागू करने से पहले ही आपत्तियों में हर एक चीज ढंग से बताई गई थीं, लेकिन फिर भी इन्हें सुधारा नहीं गया। कानपुर, आगरा, लखनऊ और गाजियाबाद से ज्यादा दरें बरेली में हैं। जनता से मिली आपत्तियों का निस्तारण विधि के अनुसार नहीं किया गया और मनमाने तरीके से इसे लागू किया गया है। शहर विधायक द्वारा नगर विकास मंत्री को जो पत्र भेजा गया है उसमें कहा गया है कि सर्किल रेट के हिसाब से दरें न तय कर सेगमेंट रोड सर्किल रेट के हिसाब से दरें बनाई गई हैं। ये निरस्त की जाएं। मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रमुख सचिव से कहा है कि विषमता को देखें और उसका परीक्षण कर बताएं।
कम जमा हो रहा है टैक्स
30 जून तक 15 फीसदी छूट टैक्स जमा करने पर दिया जा रहा है, लेकिन भीड़ कम है। एक अप्रैल से नई टैक्स दरें लागू की गई हैं, जबकि टैक्स जमा करने का काम 15 मई से शुरू हुआ है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि रोजाना करीब आठ से दस लाख रुपये टैक्स जमा हो रहा है। अभी तक दो करोड़ रुपये से अधिक जमा हो चुका है, जबकि छूट देने पर यह आंकड़ा 5 करोड़ से अधिक पहुंचना था।