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दिल्ली हाईवे पर अवैध कब्जे जमाते जाओ.. कंपाउंडिंग कराते जाओ

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बरेली। बीडीए एक तरफ कंपाउंडिंग अभियान चलाकर पुराने अवैध निर्माण को वैध करने में लगा है, वहीं शहर में दिल्ली हाईवे के अलावा अन्य इलाकों में भी बड़ी संख्या में अवैध कालोनियां धड़ल्ले से बनाई जा रही हैं। बीडीए ने एक या दो साल पहले जो अवैध कालोनियां सील की थीं, उनके कालोनाइजर भी हड़बड़ी में अवैध निर्माण पूरे करने में लगे हैं कि तब तक बीडीए को कंपाउंडिंग कर लेने दो। बीडीए स्टाफ की भी सीधी सी पॉलिसी बन गई है कि पहले अवैध निर्माण कराओ। फिर इंपैक्ट और कंपाउंडिंग फीस वसूलकर कंपाउंडिंग करो।
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अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ‘बीडीए में कंपाउंडिंग कैंप, दिल्ली हाईवे पर कट रही अवैध कालोनी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर यह मामला उजागर किया था। दिल्ली हाईवे से दो किलोमीटर खड़ौआ में बीडीए के ही एक पूर्व इंजीनियर ने अपने पार्टनरों की मदद से 70 बीघा जमीन खरीदकर उसमें पांच महीने पहले से प्राधिकरण से बिना ले आउट पास कराए अनधिकृत कालोनी निर्माण शुरू करा दिया था। इतना ही नहीं अनधिकृत कालोनाइजर 3000 रुपए स्क्वायर मीटर प्लाट और 8.50 लाख में दो कमरों के आवास बनाकर बुकिंग भी करने लगे थे। बीडीए ने मौके पर जाकर कालोनी देखी और कालोनाइजर और उनके पार्टनरों का चालान काटने की प्रक्रिया पूरी की। अब इस कालोनी को सील करने और ध्वस्तीकरण कराने की बात कही गई है।
दिल्ली हाईवे के अलावा पीलीभीत बाईपास रोड स्थित आशियाना कालोनी से सटी एक अवैध कालोनी के चारो ओर बाउंड्रीवाल कराकर अनधिकृत निर्माण बीते कई दिनों से चल रहा है। लगभग एक साल पहले बीडीए ने इस कालोनी में आठ अवैध आवासों का चालान भी किया था। लेकिन उसके बाद कालोनाइजर और बीडीए स्टाफ के बीच जाने क्या खिचड़ी पकी कि कोई अवैध कालोनी की ओर झांका तक नहीं। यह कालोनी 50 बीघ से ज्यादा एरिया में बन रही है। सेना की ओर से जमीन विवाद के चलते इस पर आपत्ति भी की गई थी। बीच में यह निर्माण बंद था। बीडीए ने जबसे कंपाउंडिंग अभियान शुरू किया, तबसे यहां भी बाउंड्रीवाल के अंदर अवैध निर्माण अंदर ही अंदर कराकर कालोनाइजर इसे पूरा कराने में लगे हैं। आशियाना कालोनी में ही कम से आधा दर्जन से अधिक आवासीय मकान भी बीडीए से बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बन रहे हैं। बताया जाता है कि बीडीए इंजीनियर व्यक्तिगत फायदा उठाने के बाद जानबूझकर इस ओर से अनजान बनकर अवैध निर्माण को पूरा होने का मौका उपलब्ध करा रहे हैं। पीलीभीत बाईपास रोड पर ही शॉपिंग मॉल के पीछे से लेकर रिठौरा तक और बड़ा बाईपास रोड पर छोटी-बड़ी दर्जनों अवैध कालोनियां बसाई जा रही हैं।
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सील होगी अवैध कालोनी, जेसीबी भी चलेगी
बरेली। दिल्ली हाईवे से दो किलोमीटर अंदर खड़ौआ में 70 बीघा में अवैध कालोनी काटने के मामले में बीडीए टीम ने मौके पर जाकर चालान काटा। हालांकि तब तक कालोनाइजरों ने ऑफिस के बाहर लिखा ‘जागेश्वर धाम रेजीडेंसी’ पुतवा दिया था। बीडीए ने कालोनाइजर, उसके पार्टनर समेत चार लोगों को सप्ताह भर का नोटिस भेजा है। उसके बाद प्राधिकरण नियमानुसार अवैध कालोनी को सील करेगा। फिर 15 दिन पूरे होते ही ध्वस्तीकरण होगा।
समाचार प्रकाशित होने के बाद बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल के निर्देश पर एक्सईएन मोहनलाल, एई आरके चौधरी और जेई एके त्यागी मौके पर पहुंचे। तीनों इंजीनियरों ने ऑफिस और दो कमरों के निर्मित हो चुके आवास और निर्माणाधीन प्लाटों का निरीक्षण किया। बीडीए टीम के आने की खबर लगते ही कालोनाइजर मौके से गायब हो गए। ऑफिस के बाहर लिखा ‘जागेश्वरधाम रेजीडेंसी’ भी पुता हुआ मिला। बीडीए टीम ने अपनी रिपोर्ट उपाध्यक्ष को सौंप दी। कालोनाइजरों के नाम चालान काटकर नोटिस भेजे गए हैं और उनसे एक सप्ताह में बिना ले आउट पास कराए अवैध कालोनी बनाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। चीफ टाउन प्लानर आशीष शिवपुरी ने बताया कि सप्ताह भर में स्पष्टीकरण न मिलने पर ‘जागेश्वरधाम कालोनी’ को सील किया जाएगा। 15 दिन पूरे होने के बाद कालोनी का ध्वस्तीकरण होगा।
छह नर्सिंग होम समेत 50 से अधिक अवैध निर्माण
बीडीए में एक जेई पिछले करीब छह महीने से अधिक समय से कुदेशिया फाटक से कर्मचारी नगर, मिनी बाईपास, सीबीगंज और परसाखेड़ा तक का मलाईदार एरिया देख रहे हैं। इनके कार्यकाल में कुदेशिया फाटक से लेकर कर्मचारी नगर चौराहे तक छह बड़े नर्सिंग होम समेत 15 से 20 अवैध निर्माण पहले ही हो चुके हैं। दिल्ली हाईवे के किनारे सीबीगंज, खड़ौआ, जौहरपुर, नदौसी में 50 से अधिक कामर्शियल और आवासीय अवैध निर्माण अब भी चल रहे हैं। एक कान्वेंट स्कूल की बिल्डिंग भी बिना नक्शा मंजूर कराए बन रही है। जेई के संरक्षण में ही दिल्ली हाईवे पर कम से कम छह अवैध कालोनियां भी बन रही हैं। इनको नैनीताल रोड पर भी अवैध निर्माण चेक करने की जिम्मेदारी मिली, तबसे यहां भी चार से पांच अवैध कालोनियों के निर्माण तेजी से चल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जेई स्वयं कालोनाइजरों से अवैध निर्माण का सौदा न करके अपने स्टाफ के जरिए उगाही कराते हैं।

बीडीए की टीम ने मौके पर जाकर अवैध निर्माण को देखा। उस पर चालान काटकर नोटिस भेजा गया है। अवैध कालोनी को सील कर उसका ध्वस्तीकरण कराया जाएगा। किसी भी अवैध निर्माण को छोड़ा नहीं जाएगा। दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष बीडीए
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