बरेली। कैंट क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार होने के साथ ही एक नया विवाद भी शुरू हो गया है। कैंट में कितनी सड़कें एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस) और कैंट बोर्ड ने बनाई हैं इसे लेकर दोनों आमने-सामने आ गए हैं। संबंधित प्रकरण में गुरुवार को कैंट बोर्ड सभागार में बैठक कर मामले को सुलझाया जाना था लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक नहीं हो सकी। हालांकि, कैंट अधिकारी जल्द बैठक के बाद सड़कों की सीमा तय कर मरम्मत का कार्य शुरू कराने का दावा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कैंट में वर्षों पहले बनाई गई सड़कों की मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव तैयार हो गया है। हालांकि मामला निर्माण कराने को लेकर फंस गया है। बताया जा रहा है कि जर्जर हो रही सड़कों का निर्माण जिसने कराया है वही इसकी मरम्मत कराएगा। सनद रहे कि कैंट क्षेत्र में कैंट बोर्ड के अलावा कई सड़कों का निर्माण एमईएस ने भी कराया है। लेकिन कौन सी वे सड़कें हैं इसका पता नहीं है। इसे लेकर जल्द कैंट सभागार में डीईओ, सीईओ, सैन्य अधिकारी समेत एमईएस अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें सड़कों को बंटवारा होने के बाद ही उनकी मरम्मत कराए जाने का सिलसिला शुरू होगा। बताते हैं कि गुुरुवार को संबंधित प्रकरण पर सैन्य यूनिट में डीईओ (रक्षा संपदा विभाग), एमईएस व सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें नटराज रोड को लेकर लंबी बहस चली। आखिर में नटराज रोड के सामने बनाई गई सड़क का निर्माण एमईएस द्वारा कराए जाने का पता चला है। उधर, कैंट एई आरके माहेश्वरी ने बताया कि गुरुवार को कैंट बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी है। दो या तीन दिन में बैठक के बाद सड़कों की मरम्मत की चर्चा होगी।