बरेली। मिनी बाईपास पर शहर को एक और रोडवेज बस अड्डा की फाइल शासन में डंप हो गई है। जनवरी में शासन ने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से रोडवेज की जमीन का रिकॉर्ड मांगा था। उन्होंने एसडीएम सदर से इसकी जांच कराने के बाद रिकॉर्ड शासन को भेज दिए थे। इसके बाद मामले को लेकर अधिकारियों ने कोई पैरवी नहीं की।
अभी उत्तराखंड और दिल्ली जाने वाली ज्यादातर बसें पुराने बस अड्डे से होकर जाती हैं। इससे अयूब खां और चौपुला चौराहे पर काफी जाम लगा रहता है। इसलिए इन जगहों के लिए शहर से बाहर रोडवेज बस अड्डे की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही है। इस साल जनवरी में उप सचिव कमलेश कुमार सिंह ने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से मिनी बाईपास पर केंद्रीय कारागार की खाली भूमि पर नया रोडवेज बस अड्डा बनाने के लिए जमीन की उपलब्धता का रिकॉर्ड मांगा था। इसके बाद डीएम को यह रिपोर्ट देनी थी कि बस अड्डा बनाने के लिए प्रस्तावित आठ एकड़ भूमि का गाटावार रिकॉर्ड क्या है। इस जमीन का परिवहन निगम के पक्ष में ट्रांसफर के बाद कितनी भूमि इन गाटों में से कारागार के नाम अवशेष रह गई हैं। इस मामले की जांच एसडीएम सदर से कराई गई थी। इसके बाद इसकी फाइल को शासन में भेज दिया गया था। उम्मीद थी कि नया बस अड्डे बनाने का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा लेकिन शासन में इसकी फाइल पहुंचने के बाद मामला डंप हो गया है।