बरेली। हरूनगला में पवन विहार कॉलोनी के पीछे स्थित नगर निगम के तालाब का कुछ हिस्सा पाटकर प्लाटिंग शुरू कर दी है। शिकायत मिलने के बाद नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. ने निगम की टीम को भेजकर जांच कराई तो मामला सही पाया गया। मगर एक मंत्री जी के पीए निगम के अफसरों से उसकी पैरवी कर रहे हैं, जिसके चलते निगम के अफसरों की चेतावनी के बावजूद कब्जा करने वाले माफिया ने अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं किया है। इस पर सोमवार को मामले की एक बार फिर जांच कराने के बाद कब्जा करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना बारादरी में तहरीर दी गई है।
हरूनगला में गाटा संख्या 650 पर नगर निगम का तालाब है, जिसका रकबा 2780 वर्ग मीटर है। वहां से कुछ दूरी पर हरूनगला निवासी भू माफिया की जमीन है, जिसका गाटा संख्या अलग है। मगर भू माफिया ने गाटा संख्या 650 को अपनी जमीन बताकर उसका काफी हिस्सा पाट लिया और गेट लगाकर बाउंड्रीवाल बनवा दी। एक आवास का निर्माण भी शुरू करा दिया गया है। मामला संज्ञान में आने पर शनिवार को नगर निगम के राजस्व प्रभारी ललतेश सक्सेना और मानचित्रकार हरीश भारती मौके पर पहुंचे। मामला सही पाया गया तो निर्माण कार्य रुकवाकर कब्जा हटाने की चेतावनी देकर चले आए। इसके बाद भी माफिया ने अपना कब्जा नहीं हटाया। सोमवार को निगम की टीम दोबारा पहुंची तो कब्जा बरकरार मिला। इसके बाद नगर आयुक्त के निर्देश पर मानचित्रकार हरीश भारती की ओर से थाना बारादरी में माफिया के खिलाफ तालाब पाटकर निगम की जमीन कब्जाने के आरोप में तहरीर दी गई। वहीं मामले को निपटाने के लिए एक मंत्री के पीए नगर निगम में माफिया की पैरवी में लगे हैं और एक-दो दिन में आकर मामला निपटाने की बात कह रहे हैं।
चार साल पहले भी हुई थी कब्जे की कोशिश
माफिया ने चार साल पहले भी इस जमीन पर कब्जे की कोशिश की थी। मामला संज्ञान में आने पर पांच मई 2015 को तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल मेवाराम ने निर्माण रुकवाकर नगर निगम को सूचना दे दी थी। इसके बाद तत्कालीन सहायक अभियंता जय कुमार और अवर अभियंता कपिल मोहन ने तालाब की दोबारा खुदाई करा दी थी। उस समय भी थाना बारादरी में इसकी तहरीर दी गई थी।
चकबंदी का है विवाद
बताया जा रहा है कि इस मामले में चकबंदी का विवाद है। कई साल पहले हुई चकबंदी में माफिया के रकबा की जगह बदल गई। बावजूद इसके वह पुरानी जगह पर ही कब्जा करना चाहता है। इसके लिए ही सोमवार को उसने अधिवक्ता के जरिये नगर आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष भी रखा लेकिन उन्होंने कब्जा हटाने के आदेश दे दिए।
आरोपी का चकबंदी के बाद नंबर बदल गया। एक नंबर के लिए कोर्ट ने आरोपी को बेदखल न करने के आदेश दे रखे हैं। मगर, वह गाटा संख्या 650 पर कब्जा करने लगा, जो नगर निगम का तालाब है। इसमें रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी को कब्जा तोड़ने को कहा है। अगर वह नहीं तोड़ेगा तो नगर निगम तोड़ देगा।
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त