बरेली। आलमपुर जाफराबाद स्थित रफियाबाद प्राथमिक विद्यालय के मामले को अधिकारी दबाने में जुटे हैं। आरोप है कि कमिश्नर, डीएम, सीडीओ समेत विभाग के उच्चाधिकारियों से हुई शिकायत पर अधिकारी जांच करने पहुंच रहे हैं लेकिन उनका जोर शिक्षिका के साथ समझौता कराने पर है।
गुरुवार को मझगवां ब्लॉक के एबीएसए विजय सिंह कुशवाहा विद्यालय पहुंचे। उन्होंने विगत दिनों शिक्षामित्र को शिक्षिका की तस्वीर खींचने के मामले में चेतावनी दी। इस पर शिक्षामित्र चंद्रसेन साहू ने शिक्षिका से किसी तरह का विवाद नहीं होने की बात कही लेकिन विद्यालय की स्थिति सुधारने की मांग की। इसके बाद एबीएसए ने मौजूद शिक्षिका को विद्यालय को संवारने के निर्देश दिए। साथ ही, मामले को खत्म कर एक दूसरे का सहयोग करते हुए शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार का निर्देश दिया। शिक्षामित्र का आरोप है कि शिक्षिका ने उनका अलग उपस्थिति रजिस्टर बना दिया है। शिकायत के बाद भी शिक्षिका समय पर विद्यालय नहीं आतीं। रजिस्टर उन्हीं के पास होता है। उनकी देरी की वजह से वे भी रजिस्टर पर समय से हस्ताक्षर नहीं कर पा रहे हैं।
रफियाबाद प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है। टूटी कुर्सियां, गंदे शौचालय, परिसर में गंदगी का अंबार, दीवारों से गिरता प्लास्टर विद्यालय की पहचान बन चुके हैं। इसके अलावा पढ़ाई के लिए कक्षों में लगे ब्लैक बोर्ड उखड़ रहे हैं। बद से बदतर हो रहे विद्यालय का जिम्मेदार शिक्षिका को बताते हुए शिक्षामित्र ने व्हाट्सएप पर फोटो वायरल की थी। आरोप है कि मामले की जानकारी होने के बाद शिक्षिका ने भी उनकी तस्वीरें वायरल कीं और फोटो खींचने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।