बरेली। शस्त्र लाइसेंस के लिए जिला प्रशासन के पास करीब तीन हजार फार्म जमा हो गए हैं लेकिन अब तक एक भी लाइसेंस जारी नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि फार्म की जांच और रिपोर्ट आने की प्रक्रिया चल रही है। लाइसेंस उन्हीं को मिलेंगे, जिन्हें इनकी जरूरत है। सजावट के लिए लाइसेंस नहीं मिलेंगे।
लंबे समय बाद शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक हटी तो प्रशासन ने आवेदन फार्म की बिक्री शुरू कर दी। अब तक करीब तीन हजार फार्म जमा हो गए हैं। मगर लाइसेंस न मिलने से लोग परेशान हैं और कलक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। वे लोकसभा चुनाव को लेकर परेशान हैं, क्योंकि आचार संहिता लगते ही लाइसेंस की प्रक्रिया ठप हो जाएगी। कलक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग के स्टाफ का कहना है कि फार्मों की जांच और विभिन्न अफसरों की रिपोर्ट लेने की प्रक्रिया चल रही है। करीब आठ सौ फार्मों पर अंतिम रिपोर्ट भी लगाई जा चुकी है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि लाइसेंस जरूरतमंदों को ही मिलेंगे। शौकिया हथियार रखने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
शस्त्र लाइसेंस के लिए फार्म जमा हो रहे हैं लेकिन इसकी जांच अभी बाकी है। शस्त्र लाइसेंस काफी सोच-विचार के बाद ही दिए जाएंगे। रही आचार संहिता की बात तो इसका लाइसेंस बनाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। -अशोक कुमार शुक्ला, सिटी मजिस्ट्रेट