बरेली। बीडीए ने दो सप्ताह पहले शहर के 200 नर्सिंग होम मालिकों को नोटिस जारी किए थे। उनसे नर्सिंग होम के नक्शों का ब्योरा लेकर बीडीए दफ्तर में उसकी छाया प्रति जमा करने को कहा था। फिलहाल, निर्धारित समय सीमा बीत चुकी है, लेकिन किसी भी नर्सिंग होम संचालक ने बीडीए के नोटिस का जवाब देना तक जरूरी नहीं समझा है।
शहर में छोटे-बड़े मिलाकर 450 से ज्यादा नर्सिंग होम हैं। कुछ डॉक्टर क्लीनिक की आड़ में गली-मोहल्लों में भी नर्सिंग होम चला रहे हैं। रामपुर गार्डन, सिविल लाइंस, सिकलापुर, आलमगीरीगंज, राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, मॉडल टाउन रोड, केके अस्पताल रोड, पीलीभीत बाईपास रोड, मिनी बाईपास रोड, कर्मचारीनगर, बदायूं रोड, सुभाषनगर और सिटी स्टेशन के सामने बड़ी संख्या में पुराने या नए भवनों में नर्सिंग होम चल रहे हैं। मगर इनमें अधिकांश के नक्शे या तो बीडीए से मंजूर नहीं हैं। अगर हैं भी तो आवासीय भवन के हैं।
खासतौर से सिविल लाइंस और रामपुर गार्डन में अधिकांश नर्सिंग होम के नक्शे आवासीय ही मंजूर हैं। बीडीए ने जब एक बार सूची खंगाली थी तो उसमें 80 फीसदी से अधिक नर्सिंग होम के नक्शे अनधिकृत पाए गए थे। बीडीए ने दो सप्ताह पहले 200 नर्सिंग होम मालिकों को नोटिस जारी कर उनसे अपने भवनों की छाया प्रति जमा करने को कहा था। निर्धारित समय सीमा बीत चुकी है। अभी फिलहाल, किसी भी नर्सिंग होम की ओर से जवाब न आने से बीडीए अगले कदम के बारे में प्रशासनिक और पुलिस के अफसरों से मंत्रणा करके अपनी रणनीति तय करेगा।
दो सप्ताह पहले नर्सिँग होम मालिकों को नोटिस जारी कर अपने भवन के नक्शे की छाया प्रति जमा करने के निर्देश दिए गए थे। अब तक नर्सिंग होम की तरफ से खास रिस्पांस नहीं आया है। प्रशासन और पुलिस के साथ जल्द ही मीटिंग कर अगले कदम के बारे में विचार किया जाएगा। - डॉ. सुरेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष बीडीए