जंक्शन पर पैसेंजर ट्रेन से वीपी वैगन (व्हीलकल पार्सल) को सेकेंड में यार्ड में ले जाने में शंटर की मुख्य भूमिका नजर आई है। जबकि आउटर पर सिग्नल न मिलने के नाम पर एक्सप्रेस ट्रेनें खड़ी रहतीं हैं।
वाणिज्य कर विभाग के सूत्रों की मानें तो दिल्ली बरेली पैसेंजर में 11.50 पर प्लेटफार्म चार पर पहुंची। वीपी वैगन सील खोलने के लिए पार्सल सुपरवाईजर के पहुंचने से पहले ही शंटर ने वैगन को ट्रेन से अलग किया और पावर केबिन से सिग्नल लेकर इंजन को पांच मिनट में ही चलवा यार्ड पहुंचा दिया। जबकि ट्रेन प्लेटफार्म पर करीब सवा घंटे तक खड़ी रही। दूसरी ओर स्टेशन मास्टर आफिस के सूत्रों का कहना है कि ट्रेनों के आने का समय हो रहा था, जिससे प्लेटफार्म खाली कराना था, लेकिन उनसे पूछा कि केवल वीपी ही क्यों कटवाया गया, तो वह जवाब नहीं दे सके। वाणिज्य कर विभाग के आला अधिकारियों की मानें तो जंक्शन पर बिना टैक्स के लाए गए पार्सल का हर बार विरोध होता है। दो महीने पहले भी पार्सल चेकिंग करने पर आरपीएफ का जवान व्यापारियों से मिल गया था और विरोध किया था। इस मामले की मुरादाबाद डिवीजन में शिकायत की गई, तो मामला संभला। गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली पैसेंजर में बिना टैक्स के आए हुए माल की जांच करने के लिए वाणिज्यकर विभाग की टीम जंक्शन पहुंची थी लेकिन ड्राइवर वीपी को यार्ड ले गया जहां उसे ऊना हिमाचल एक्सप्रेस में जोड़कर दिल्ली भेज दिया गया।