बरेली। छह मजदूरों की मौत की वजह बनी विंध्याटेल लिमिटेड कंपनी के रसूख के आगे पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अभी भी नतमस्तक हैं। 26 लाख की बैंक गारंटी और क्षतिपूर्ति की मोटी रकम बचाने के लिए इस ठेका कंपनी ने एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी के लिए बरेली-बीसलपुर रोड पर बगैर एनओसी खुदाई कर डाली, लेकिन हादसा होने के आठ दिन बाद भी पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना तो दूर, उससे जुर्माना वसूल करने के लिए तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
विंध्याटेल लिमिटेड नाम की कंपनी पीडब्ल्यूडी की बरेली-बीसलपुर रोड पर करीब 26 किमी तक बगैर परमीशन ही खुदाई कर डाली थी। पहले से हुई साठगांठ का नतीजा था कि सबकुछ जानकारी में होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कंपनी की इस मनमानी की अनदेखी करते रहे। सड़कों को बर्बाद करने के साथ अच्छा-खासा राजस्व चुराने का यह मामला शायद खुलता भी नहीं अगर पीलीभीत बाईपास पर एनएचएआई से परमीशन लिए बगैर सड़क पर खोदे गए गड्ढे में 30 जुलाई को मिट्टी से दबकर छह मजदूरों की मौत न हो जाती। इस घटना के बाद एनएचएआई के साथ पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का भी सारा खेल खुलकर सामने आ गया। कंपनी से साठगांठ का ही नतीजा है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का बड़ा मामला उजागर होने के बावजूद विंध्याटेल लिमिटेड के खिलाफ पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अब तक न तो एफआईआर दर्ज कराई और न ही उससे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई शुरू की गई है। सूत्रों के मुताबिक इसके बजाय पीडब्ल्यूडी के अधिकारी अंदरखाने कंपनी को बचाने की कोशिशों में जुटे हैं। इसके लिए यहां के अधिकारियों पर ऊपर से भी दबाव डाला जा रहा है।
शिकायतों को अनसुना करते रहे जेई और एई
बगैर अनुमति बीसलपुर रोड पर खुदाई करने की शिकायतें पीडब्ल्यूडी के जेई और एई के साथ उच्चाधिकारियों से भी की जाती रहीं लेकिन इन शिकायतों की हर स्तर पर अनदेखी कर दी गई। विभाग के स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने तक की जहमत नहीं उठाई। बताते हैं कि कंपनी ने अनुचित तरीके से काम कराने के लिए विभागीय कई अभियंताओं से भी साठगांठ कर रखी थी।
अफसर एक्शन लेते तो न होता हादसा
बीसलपुर रोड की खुदाई के दौरान ही अगर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने समय रहते विंध्याटेल लिमिटेड के खिलाफ एक्शन ले लिया होता तो पीलीभीत बाईपास पर गड्ढा खुदाई के दौरान छह मजदूरों की मौत की बड़ी वारदात को रोका जा सकता था।
निर्माण खंड के एक्सईएन से जानकारी ली गई है कि अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। कंपनी ने गलत किया है, उस पर कार्रवाई होनी ही चाहिए। - पीके सक्सेना, अधीक्षण अभियंता, बरेली वृत्त