बरेली। बरेली कॉलेज प्रबंध समिति का चुनाव कराने के लिए कमिश्नर ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिए। उन्होंने डीएम को चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। अब डीएम समयसीमा तय करके जल्द चुनाव कराएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद चुनाव कराने की प्रक्रिया तेज हुई है।
बरेली कॉलेज प्रबंध समिति का कार्यकाल इसी साल नौ फरवरी को पूरा हो गया, लेकिन चुनाव कराने की कोई सुगबुगाहट नहीं हुई। इसी दौरान अस्थायी कर्मचारियों का बाहर निकालने का फरमान जारी किया, जिसके बाद प्रबंध समिति के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोला। इसी दौरान समिति के कार्यकाल का मुद्दा उछला, आखिरकार कार्यकाल पूरा होने के बाद भी समिति ने चुनाव क्यों नहीं कराए।
दरअसल, प्रबंध समिति के फैसलों का अनुमोदन बोर्ड ही करता है। कर्मचारियों ने मामला कुलपति के पास भेजा जिसके बाद चुनाव का मुद्दा गर्म हुआ। इससे पहले विश्वविद्यालय भी चुनाव को लेकर गंभीर नहीं था। वहीं बोर्ड के सदस्यों ने भी चुनाव में दिलचस्पी नहीं ली। हालांकि दो-तीन सदस्यों ने चुनाव का मुद्दा जरूर उठाया। 28 अगस्त को कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव ने डीएम को पत्र लिखा और 45 दिन के भीतर चुनाव कराने के निर्देश दिए। ये भी चेतावनी जारी की कि अगर चुनाव नहीं कराए जाते तो विश्वविद्यालय अपने स्तर से कार्रवाई करेगा। कॉलेज प्रशासन ने भी कमिश्नर से बैठक कराने के लिए वक्त मांगा था। कमिश्नर ने मंगलवार को डीएम को चुनाव कराने के लिए नामित कर दिया। डीएम ही प्रबंध समिति के अध्यक्ष होते हैं। अब डीएम जल्द समयसीमा तय करके चुनाव कराएंगे।
कुछ सदस्य चाहते हैं समिति में हो बदलाव
बोर्ड ऑफ कंट्रोल के कुछ सदस्यों की मंशा है कि प्रबंध समिति में कुछ चेहरों में बदलाव हो। कुछ नए सदस्यों को समिति में शामिल कराने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो कुछ सदस्य पहले से ही प्रयास में लगे हैं कि चुनाव हों तो कुछ बदलाव कराए जा सकें। बता दें कि वर्तमान समय में प्रबंध समिति के सचिव देव मूर्ति हैं और बोर्ड की सचिव उनकी फुफेरी बहन डॉ. रजनी अग्रवाल हैं।
बरेली कॉलेज प्रबंध समिति के चुनाव के लिए डीएम को नामित किया गया है। डीएम समयसीमा तय करके जल्द चुनाव कराएंगे। चुनाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
-पीवी जगनमोहन, कमिश्नर