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बाढ़ से निपटने के इंतजाम शुरू, कंट्रोल रूम खुला

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बरेली।
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बरसात आने में चंद दिन ही बाकी हैं। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। बाढ़ खंड ने कंट्रोल रूम खोल दिया है। 16 जून से कंट्रोल रूम प्रभावी हो जाएगा जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। कंट्रोल रूम पर बाढ़ से संबंधित सूचनाएं किसी भी वक्त दी जा सकेंगी। नानक सागर बांध, बनबसा के शारदा बैराज और कालागढ़ डैम से प्रतिदिन छोड़े जाने वाले पानी की सूचना सबसे पहले कंट्रोल रूम को दी जाएगी। इसी आधार पर नदियों के किनारे वाले गांवों में बाढ़ का पानी रोकने की व्यवस्था होगी।
मानसून दस्तक देने वाला है। बारिश कब और कितनी होगी, इसका पूर्वानुमान लगाना कठिन है। हालांकि, बरेली में वर्ष 2010 में बाढ़ आई थी। इसके बाद इतनी बारिश ही नहीं हुई कि बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती। इस बार ज्यादा बारिश का अनुमान है। बारिश के चार महीनो में नानक सागर बांध का पानी बहगुल नदी, बनबसा के शारदा बैराज का पानी शारदा नदी और कालागढ़ डैम का पानी रामगंगा नदी में छोड़ा जाता है। इससे इन नदियों के दायें और बायें किनारे बसने वाले 365 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इनमें मीरगंज, बहेड़ी और फरीदपुर के कुछ गांवों में बाढ़ खंड ने बांध बनाने के प्रोजेक्ट भेजे थे, लेकिन शासन से बजट न मिलने से इन पर काम आगे नहीं बढ़ पाया। फिलहाल, बाढ़ खंड आज से रोजाना तीनों डैम से नदियों में छोड़े जाने वाले पानी का आकलन शुरू कर देगा। जिस दिन खतरे के निशान से पानी ऊपर होगा, उस दिन नदियों के किनारे वाले गांवों में बाढ़ से निपटने को जरूरी कदम उठाने के लिए प्रशासन को लिखा गया है।
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किस नदी के किनारे कितने गांव
नदी का नाम दायें/बायें किनारे पर गांव
किच्छा नदी 22/30
धौरा नदी 36/22
देवरनियां नदी 35/23
बहगुल नदी (प.) 10/25
बहगुल नदी (पू.) 78/32
शंखा नदी 10/19
पंघेली नदी 04/04

नोट : कंट्रोल रूम में इस नंबर 0581-2511664 पर फोन कर सकते हैं।

बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम खोल दिया गया है। इसमें दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कोई भी 16 जून से 31 अक्टूबर तक कंट्रोल रूम के नंबर पर बाढ़ से संबंधित सूचना दे सकता है। नदियों के किनारे वाले गांव बाढ़ से प्रभावित न हों। इस पर फोकस रहेगा। - राकेश यादव, एक्सईएन बाढ़ खंड
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