बरेली। बीमारी और तंगी की वजह से गरीब मां कुछ महीने फीस नहीं भर सकी तो स्कूल वालों ने उसके बेटे का नाम काट दिया। हालांकि बाद में महिला ने बकाया फीस जमा कर दी। शिकायत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने गिरीश प्रसाद मेमोरियल स्कूल की प्रिंसिपल मधु मिश्रा को नोटिस देते हुए तीन दिन के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि अभिभावक को धोखे में रख कर एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए एक छात्र की टीसी निर्गत कर देना न केवल गंभीर मसला है, बल्कि आपराधिक कृत्य की श्रेणी में भी आता है। इसके लिए प्रिंसिपल को एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है।
भूड़ पटी गली की रहने वाली लक्ष्मी ने सिटी मजिस्ट्रेट से यह शिकायत की थी कि वह मेहनत करके परिवार का पेट पालते हुए बेटे हर्षुल को किसी तरह से पढ़ा रही है। गिरीश प्रसाद मेमोरियल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा उनका बेटा हर्षुल बीमारी की वजह से नियमित स्कूल नहीं जा सका लेकिन उसने परीक्षा दी और वह पास भी हो गया। बीमारी और परेशानी की वजह से वह फीस नहीं जमा कर सकी थी, हालांकि बाद में उन्होंने जनवरी से मार्च तक की फीस जमा कर दी। उनका आरोप है कि विद्यालय से प्रोग्रेस रिपोर्ट देते वक्त उनसे हस्ताक्षर करा लिए गए और प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ ही बेटे की टीसी भी दे दी गई। लक्ष्मी ने बताया कि बेटे ने कक्षा नौ पास की है। अगर उसी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ तो वह हाईस्कूल की परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रधानाचार्य को नोटिस दिया है। इसमें उन्होंने यह भी कहा है कि लक्ष्मी आर्थिक रूप से कमजोर है। शिक्षा के अधिकार के तहत भी वह पात्रता की श्रेणी में आती है। इसलिए उसके बेटे का एडमीशन होना चाहिए। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि ऐसा न करने पर प्रिंसिपल के खिलाफ रिपोर्र्ट दर्ज कराई जाएगी।