फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अबकी नवरात्रि घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। छह अप्रैल से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि का आगमन अबकी बार कई श्रेष्ठ योगों के शुभ संयोगों के साथ हो रहा है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चैत्र नवरात्र के नौ दिनों में पांच बार सवार्थ सिद्धि और दो बार रवि योग का दुर्लभ संयोग होगा। साथ ही पुष्य नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। शुभ संयोगों में नवरात्रि पर पूजन का विशेष लाभ होने की संभावना है।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य डॉ. सौरभ शंखधार ने बताया कि इस बार मां का आगमन वाहन घोड़ा होगा, जो युद्ध का प्रतीक माना जाता है। घोड़े पर माता का आगमन शासन और सत्ता के लिए अशुभ माना गया है। इससे कें द्र सत्ता को विरोध का सामना करना पड़ सकता है। कहा, मां दुर्गा का वाहन सिंह है, लेकिन नवरात्रि के समय तिथि के अनुसार माता अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं। शास्त्रों के अनुसार ‘शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता’। जिसके अनुसार घट स्थापना का दिन शनिवार होने से अबकी बार मां का वाहन घोड़ा होगा और वापसी हाथी पर होगी।
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत रेवती नक्षत्र के साथ होगी। रेवती नक्षत्र का योग उदय काल में योग साधना और सिद्धि में पांच गुना अधिक शुभफल प्रदान करने वाला माना गया है। बताया कि नौ दिनों की नवरात्रि में पांच बार सर्वार्थसिद्धि और दो बार रवियोग पड़ने का श्रेयस्कर संयोग बन रहा है। माना जाता है कि ऐसे योग बनते हैं तो देवी साधना का विशेष फल समेत धन और धर्म की वृद्धि के लिए खास रहेगा।
विज्ञापन


कब और कौन सा बन रहा संयोग
चैत्र नवरात्र के शुरू होने के बाद सात अप्रैल यानी द्वितीया तिथि को सर्वार्थ सिद्धि योग (लक्ष्मी पंचमी) होगा। गुरुवार 11 अप्रैल को पष्ठी तिथि पर रवियोग, सप्तमी तिथि 12 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग, 13 अप्रैल को महाअष्टमी के सुबह 11.42 बजे नवमी तिथि स्मार्त मतानुसार योग होगा। रविवार 14 अप्रैल को नवमी पर रवि पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 9.37 बजे तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना
छह अप्रैल को घटस्थापना मुहूर्त का समय सुबह 6.10 बजे से 10.19 बजे तक रहेगा। प्रतिपदा तिथि पांच अप्रैल दोपहर 2.40 बजे से छह अप्रैल की दोपहर 3.23 बजे तक रहेगी। ज्योतिषशास्त्र में सूर्योदय का मान होने से छह अप्रैल को घटस्थापना होगी।
विज्ञापन


किस दिन किस देवी की पूजा
- 6 अप्रैल को घट स्थापना, मां शैलपुत्री पूजा
- 7 अप्रैल को मां ब्रह्मचारिणी पूजा
- 8 अप्रैल को मां चंद्रघंटा पूजा
- 9 अप्रैल को मां कुष्मांडा पूजा
- 10 अप्रैल को मां स्कंदमाता पूजा
- 11 अप्रैल को मां कात्यायनी पूजा
- 12 अप्रैल को मां कालरात्रि पूजा
- 13 अप्रैल को मां महागौरी की पूजा
- 14 अप्रैल को मां सिद्धि दात्रि की पूजा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें