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छोटे खेल जीतने को किए बड़े प्रयास

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बरेली। विश्व स्वालीनता (ऑटिज्म) जागरूकता दिवस पर जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान की ओर से मंगलवार को फन गेम्स का आयोजन किया गया। पीलीभीत रोड पर आकांक्षा इंक्लेव स्थित जीवनधारा परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में स्पेशल बच्चों ने छोटे-छोटे खेलकूद के जरिये अपनी प्रतिभा दिखाई।
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बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए फूट प्रिंटिंग, बैलेंसिंग बाल, रिंग कोन टॉस, ग्लास क्रश, मिसिंग फेस, टनल रेस, एम द ग्लास, ड्रेसअप, प्रिंट एज यू विस जैसे तमाम खेल आयोजित किए गए। बच्चों ने अपनी रुचि के अनुसार इन छोटे-छोटे खेलों में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस अवसर पर डॉ. राका चावला ने बताया कि ऑटिज्म एक प्रमुख अक्षमता है, भारत में 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैैं। इसका प्रभाव मस्तिष्क द्वारा सूचना संकलन पर पड़ता है। इसमें व्यक्ति देखकर, सुनकर या महसूस करके ठीक से समझ नहीं पाता है। जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान के क्लीनिकल डायरेक्टर एकराम सिंह ने बताया कि इस अवस्था को पहचानने में थोड़ी कठिनाई होती है। इसके लिए बच्चों में प्रत्येक गतिविधि को ध्यान से देखना होता है। इस दौरान संस्थान की डायरेक्टर सास्वती नंदा, मेघा चावला, नाज, अजमी, वैशाली, रुचि, काजल आदि मौजूद रहीं। कार्यक्रम में जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान के अलावा आशा स्कूल एवं पूजा सेवा संस्थान के बच्चों ने भी भाग लिया।
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