बरेली। हलाला पीड़िता की बुधवार को एक बार फिर गवाही हुई। उसने पति और ससुर के खिलाफ आरोप फिर से कोर्ट के सामने दोहराए। गुजारा भत्ते का यह मुकदमा एफटीसी प्रथम अजय सिंह की अदालत में है।
एक मार्च को पीड़िता की ओर से पति के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट को कोर्ट में सबूत के तौर पर दाखिल किया गया। इसको साबित करने की अनुमति मांगी जो कोर्ट ने दे दी। बुधवार को एक बार फिर से कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। उसने कहा कि उसका निकाह 5 फरवरी, 2009 को हुआ था। शादी के बाद से ससुरालवालों ने उसे कम दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 15 फरवरी, 2011 को पति ने उसे तलाक दे दिया। फिर पति से ही दोबारा निकाह के लिए ससुर के साथ हलाला की शर्त रखी गई। इंकार किया तो उसे नशे के इंजेक्शन दिए जाने लगे। नशे की हालत में ससुर से उसका निकाह करा दिया गया। ससुर के तलाक देने के बाद उसका निकाह फिर पहले पति से हो गया। कुछ दिन बाद ही उसे दोबाद तलाक दे दिया गया। इसके बाद उसके पति ने देवर से निकाह करने को कहा। मगर इस बार वह अपने मायके चली आई। पीड़िता से उसके पति के वकील राहुल भसीन ने जिरह की। जिरह अभी जारी है। कोर्ट ने जिरह के लिए अगली तारीख 16 मार्च तय की है।