बरेली। पुलिस लाइन में लगे परामर्श केंद्र में बुधवार को कई पारिवारिक विवादों के फैसले हुए। एक मामले को समाजसेवी और पुलिसकर्मी मिलकर भी नहीं सुलझा सके। थक हारकर इन्हें आगे की तारीख दे दी गई।
काउंसलर वीके अग्रवाल की बेंच पर आए विवाद में दंपति इज्जतनगर के गांव के निवासी थे। एक कारपेंटर की पहली शादी 12 साल पहले हुई थी। कोई बच्चा नहीं हुआ तो चार साल पहले पहली पत्नी की सहमति से उसने दूसरी शादी कर ली। दूसरी पत्नी से दो बच्चे हैं। उसी ने दहेज उत्पीड़न व अन्य गंभीर आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की तो मामला केंद्र पर आया। यहां दूसरी बीवी ने साफ कहा कि पति सट्टे में जिंदगी बरबाद कर रहा है। उसे खर्चा नहीं देता। पहली बीवी से मिलकर उसका उत्पीड़न किया तो वह मायके आ गई। अब साथ नहीं रह सकती। शौहर सुधर भी गया तो भी दूसरे घर में रहेगी। पहली पत्नी ने पछतावा जताया कि क्यों उसने शौहर को दूसरी शादी करने दी। वहीं पति लगातार सुधार का एक मौका मांग रहा था। दूसरी पत्नी के पिता भी तमतमाए हुए थे। वह बेटी को साथ ले गए।
पूरे परिवार ने शपथपत्र दिए तो मानी विवाहिता
सुभाषनगर निवासी हलवाई की पत्नी ने शादी के दस साल बाद पति समेत देवर-जेठ आदि पर मारपीट का आरोप लगाकर शिकायत की थी। बहस में पता लगा कि पति शराब और जुए की खातिर परेशान करता है। तीन बेटियों की परवरिश नहीं हो पा रही है। पति ने माफी मांगी और पूरे परिवार ने परेशान न करने के शपथपत्र दिए तो विवाहिता समझौता कर उनके साथ चली गई।