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.. तो आउट ऑफ कवरेज एरिया ही रहेगा कैंट इलाका

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मोबाइल कंपनियों का नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए सिविल एरिया में मोबाइल टॉवर (काउ) लगाने की कैंट बोर्ड की योजना एक बार फिर खटाई में पड़ गई है। कैंट इलाके में मोबाइल नेटवर्क मजबूत किए जाने से सेना ने खतरे की आशंका जताई है।
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कैंट बोर्ड सिविल क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क मजबूत करने के लिए ‘काउ’ लगाने की योजना बना रहा है। इसके तहत मोबाइल कंपनियों की ओर से कैंट के विभिन्न स्थानों पर कम रेंज के मोबाइल टॉवर खड़े किए जाने हैं। गाड़ियों पर लगे ये टॉवर कहीं भी कभी भी लगाए और हटाए जा सकेंगे। बता दें कि करीब डेढ़ वर्ष पहले कैंट बोर्ड की मीटिंग में कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद कैंट बोर्ड ने मोबाइल टॉवर लगाने के लिए सेना से मंजूरी मांगी थी। सेना ने कुछ स्थानों पर मोबाइल टॉवर लगाने की मंजूरी दे दी थी जिसके बाद कैंट के तीन इलाकों का चयन मोबाइल टॉवर लगाने के लिए किया गया था। सूत्रों के मुताबिक अब एक बार फिर सैन्य अधिकारियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सिग्नल की रेंज को सीमित करने को कहा है। उधर, लोगों में इस बात पर गुस्सा है कि कैंट बोर्ड के अधिकारियों की ओर से इस मामले में तेजी नहीं दिखाई जा रही है। उनका कहना है कि डेढ़ वर्ष पूर्व मंजूर हुए प्रस्ताव पर यदि तेजी से काम होता तो कैंट में कमजोर नेटवर्क की समस्या खत्म हो गई होती।

यह समस्या बड़ी
कैंट बोर्ड के पार्षद वेद प्रकाश तनेजा के मुताबिक कैंट में सिग्नल न आने से लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी आकस्मिक मौके पर लोग मदद के लिए कॉल तक नहीं कर पाते। इसी कारण पिछली बोर्ड मीटिंग में मोबाइल टॉवर हर हाल में लगाने का प्रस्ताव रखा था जिस पर अन्य सदस्यों और पदाधिकारियों ने भी सहमति जताई थी लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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मोबाइल टॉवर लगाए जाने या सेना से जुड़े अन्य किसी प्रकरण पर कोई जानकारी नहीं दे सकता। सेना की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। -कर्नल प्रियदर्शी अमित, एडम कमांडेंट
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